फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   sc lifts bar on results of common medical entrance exam

मेडिकल प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट को हरी झंडी

Tue, 14 May 2013 01:46 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 14 May 2013 01:46 AM IST
विज्ञापन
sc lifts bar on results of common medical entrance exam

सुप्रीम कोर्ट ने पांच मई को संपन्न हुई एमबीबीएस, बीडीएस और पीजी मेडिकल कोर्सों की प्रवेश परीक्षा के परिणाम घोषित करने को अनुमति प्रदान कर दी है।

विज्ञापन


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) ने इस साल राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) आयोजित की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के 13 दिसंबर, 2012 के आदेश के तहत प्रवेश परीक्षा के परिणाम घोषित करने पर पाबंदी थी। सर्वोच्च अदालत ने अपने इस आदेश को सोमवार को वापस ले लिया है।
विज्ञापन


चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर, जस्टिस अनिल आर दवे और जस्टिस विक्रमजीत सेन की पीठ ने देशभर में एमबीबीएस तथा अन्य पाठ्यक्रमों की एकीकृत परीक्षा आयोजित करने को लेकर दायर 115 याचिकाओं पर सुनवाई 30 अप्रैल को खत्म कर ली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


लंबी सुनवाई के कारण जल्द फैसले की उम्मीद न होने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने अपने 13 दिसंबर के अंतरिम आदेश को वापस ले लिया। एमबीबीएस के साथ-साथ बीडीएस के दाखिले भी इसी प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होने हैं। कर्नाटक विधानसभा के लिए मतदान पांच मई को होने के कारण वहां प्रवेश परीक्षा 18 मई को आयोजित की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने वेल्लोर के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज सहित देशभर के सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की 115 याचिकाओं पर संक्षिप्त सुनवाई के बाद कहा कि भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) की अधिसूचना से पैदा हुए कानूनी विवाद में छात्र मझधार में फंस गए हैं।

याचिकाओं में कहा गया था कि अगर पाबंदी नहीं हटाई गई तो उनका एक साल खराब हो सकता है। इससे डॉक्टर बनने के इच्छुक छात्रों का ही नुकसान नहीं होगा बल्कि एबीबीएस की डिग्री हासिल कर चुके डॉक्टरों के अस्पताल में काम न कर पाने के कारण मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसे में 13 दिसंबर के आदेश के कारण पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा दे चुके स्नातकों का भी रिजल्ट घोषित नहीं हुआ है। पोस्ट ग्रेजुएट के छात्र अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की देखभाल करते हैं। पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रम में दाखिले पर रोक का सीधा असर अस्पतालों के कामकाज पर पड़ रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 13 दिसंबर को परीक्षा परिणाम पर रोक का आदेश जारी करते समय सुनवाई की अगली तारीख 15, 16 और 17 जनवरी 2013 तय की गई थी। लेकिन निजी मेडिकल कॉलेजों के अलावा राज्य सरकारों, विश्वविद्यालयों ने बड़ी संख्या में रिट दायर की हैं।

सभी पक्ष अपनी दलीलें 30 अप्रैल को समाप्त कर सके। लंबी सुनवाई के तुरंत बाद निर्णय देना संभव नहीं हो पाया। इस कारण अंतरिम आदेश के तहत परीक्षा परिणाम पर पाबंदी जारी रखना मुनासिब नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में देशभर की तमाम हाईकोर्ट में लंबित याचिकाओं को अपनी अदालत में स्थानांतरित कर लिया था।


पीठ ने स्पष्ट किया कि यह आदेश इस साल के दाखिले के लिए है। दरअसल, एमसीआई के 21 दिसंबर, 2010 की अधिसूचना के बाद से ही अदालतों में एकीकृत परीक्षा के विरोध में याचिकाएं दायर होनी शुरू हो गई थी।

सुप्रीम कोर्ट के अलावा तमाम हाईकोर्ट में भी इस संबंध में रिट दायर की गई थीं। पीजी कोर्स के लिए राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (एनबीई) ने दिसंबर में परीक्षा आयोजित की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed