'हनीमून बयान' पर बाबा रामदेव को राहत
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'हनीमून बयान' देकर सांसत में फंसे योग गुरु बाबा रामदेव को सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने इस संबंध में रामदेव के खिलाफ चल रही हर तरह की कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
कोर्ट ने कहा है कि ज्यादा शिकायतों के आधार पर आरोप की गंभीरता तय न की जाए।
रामदेव ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के दलितों के घर जाने के कार्यक्रम को 'हनीमून' कहा था। इस बयान के बाद देश भर में रामदेव के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा की पीठ ने रामदेव की राहत संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी प्रदेशों की पुलिस को इस संबंध में निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने कार्रवाई पर लगाई रोक
पीठ ने कहा कि 'यह स्पष्ट है कि हम रामदेव के खिलाफ दायर एफआईआर की तादाद के आधार पर कोई राय नहीं बना रहे हैं'।
पिछले दिनों रामदेव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अपील की थी कि 'हनीमून बयान' के चलते दायर मामलों के तहत किसी तरह की पुलिस कार्रवाई को रोका जाए।
इसके साथ ही रामदेव ने अपील की थी कि कई राज्यों में दर्ज प्राथमिकियों की सुनवाई किसी एक जगह पर की जाए। इन मामलों की सुनवाई या तो लखनऊ में हो या फिर सुप्रीम कोर्ट स्वयं करें।
राहुल को लेकर की थी टिप्पणी
वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रस्तोगी और केशव मोहन ने रामदेव की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में राहत याचिका दायर की थी जिस पर कोर्ट का फैसला रामदेव को राहत प्रदान करने वाला है।
अपनी याचिका में रामदेव ने अपील की थी कि सुप्रीम कोर्ट सुनिश्चित करे कि ज्यादा एफआईआर को देखते हुए पुलिस उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई न करे।
मालूम हो कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के दलितों के घर जाने को बाबा रामदेव ने एक सभा में हनीमून करार दिया था। इस सभा की वीडियो रिकॉर्डिंग के बाद ये बात स्पष्ट हुई और देश के कई राज्यों में रामदेव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। रामदेव के इस बयान पर भाजपा ने भी कन्नी काट ली है।