महिला एवं बाल विकास मंत्रालय पर SC ने लगाया जुर्माना
अदालती निर्देशों केबावजूद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) का चेयरपर्सन नियुक्त नहीं किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है।
शीर्ष अदालत ने इसे लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय पर 25 हजार रुपये का जुर्माना किया है।
न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति यूयू ललित की सामाजिक न्याय पीठ ने केंद्र सरकार से कहा कि इस संबंध में तीन अदालती आदेश जारी किए गए। करीब डेढ़ साल हो गए लेकिन अब तक एनसीपीसीआर केचेयरपर्सन की नियुक्ति नहीं हुई है।
पहले भी लगा है जुर्माना
जवाब में केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने
कहा कि प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह मामला प्रधानमंत्री
कार्यालय के पास है।
वहीं एनसीपीसीआर के सदस्यों की नियुक्ति हो चुकी है।
उन्होंने पीठ से कहा कि चेयरपर्सन की नियुक्ति भी जल्द हो जाएगी।
लेकिन पीठ
ने चेयरपर्सन की नियुक्ति में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए महिला एवं
बाल विकास मंत्रालय पर 25 हजार रुपये का जुर्माना किया है