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न्यायिक नियुक्ति आयोग के गठन पर अंतरिम रोक नहीं

Tue, 07 Apr 2015 12:02 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 07 Apr 2015 12:02 PM IST
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sc farwords the Petition Against NJAC Act to bigger bench.

न्यायिक नियुक्ति आयोग कानून में संशोधन के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने याचिका को बड़ी बेंच में सुनवाई के लिए भेज दिया है। याचिका पर सु्प्रीम कोर्ट ने कहा है कि न्यायिक नियुक्ति आयोग बनाने को लेकर कोई रोक नहीं है लेकिन याचिकाकर्ता बड़ी बेंच के सामने अपनी बात कह सकता है।

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जजों की नियुक्ति को लेकर न्यायिक नियुक्ति आयोग का गठन और और इसके लिए लाए गए संविधान संशोधन के खिलाफ कुछ कानूनविदों ने सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी।
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जजों की नियुक्ति को लेकर पिछले दो दशक से चल रहे कोलेजियम सिस्टम को खत्म कर केंद्र सरकार ने न्यायिक नियुक्ति आयोग गठन का फैसला लिया था। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से संविधान संशोधन विधेयक भी लाया गया था।
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क्यों दायर की याचिका?

sc farwords the Petition Against NJAC Act to bigger bench.

आउटलुक की रिपोर्ट के अनुसार जाने माने कानूनविद एफ एस नारीमन और अनिल दीवान सहित कुछ अन्य लोगों ने न्यायिक नियुक्ति आयोग गठन के सरकार के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर न्यायिक नियुक्ति आयोग के गठन पर रोक लगाने की मांग की थी।

याचिका कर्ताओं ने अपनी इस मांग के पीछे तर्क दिया था कि सरकार संविधान में संशोधन किए ‌बिना न्यायिक नियुक्ति आयोग का गठन नहीं कर सकती, इसलिए संविधान में संशोधन न होने तक न्यायिक नियुक्ति आयोग गठन पर रोक लगाई जानी चाहिए।

इससे पहले 24 मार्च को उच्चतम न्यायालय की तीन न्यायाधीशों - न्यायाधीश एआर दवे, जे चेलामेश्वर और न्यायाधीश बी लोकुर की पीठ ने याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। वहीं 24 मार्च की सुनवाई में मामले पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने पीठ से कहा था कि यह याचिका प्रकृति से अपरिपक्व है और कानून सीखने के लिए दायर की गई जिसे रद्द कर दिया जाना चाहिए।

रोहतगी ने कहा था कि न्यायिक आयोग को लेकर तैयार किया गया विधेयक संसद की तरफ से पारित कराने के लिए स्वीकार कर लिया गया है और उस पर काम हो रहा है। न्यायालय कानून का निर्माण करने वाली संसद के कामों पर उंगली नहीं उठा सकता।

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