मोदी की वैवाहिक स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज
वर्ष 2012 के गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान मोदी के गड़बड़ हलफनामा दाखिल करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका खारिज हो गयी है।
विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गड़बड़ हलफनामा दाखिल करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की गुहार संबंधी याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2012 में दिए हलफनामे में मोदी ने वैवाहिक स्थिति की जानकारी नहीं दी थी और नामांकन पत्र में पत्नी का कॉलम खाली छोड़ दिया था, जो गलत था।
हाईकोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है याचिका
न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर की अध्यक्षता वाली पीठ ने अहमदाबाद निवासी निशांत वर्मा द्वारा गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है।
हाईकोर्ट ने मोदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की याचिका ठुकरा दी गई थी। याचिका में कहा गया था कि वर्ष 2012 में मणिनगर विधानसभा सीट पर नामांकन भरने के दौरान नरेंद्र मोदी ने उस कॉलम को खाली छोड़ दिया था जिसमें पत्नी का नाम लिखना था।
लेकिन वर्ष 2014 में जब मोदी ने लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया तो उसमें उन्होंने पत्नी का नाम लिखा था।
याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2012 में मोदी ने वैवाहिक स्थिति के बारे में जानकारी नहीं दी थी, जो कि जन प्रतिनिधि अधिनियम के खिलाफ है।