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अरुणाचल मामले में कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट का झटका

Tue, 16 Feb 2016 11:50 PM IST
Updated Tue, 16 Feb 2016 11:50 PM IST
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SC dismisses Congress plea on Prez Rule case

सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल जेपी राजखोवा को नए मुख्यमंत्री को शपथ दिलाने से रोकने संबंधी कांग्रेस की मांग पर कोई अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया।

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जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने कांग्रेस नेताओं की राजनीतिक संकट से जूझ रहे राज्य में यथास्थिति बनाए रखने की मांग को भी मानने से इनकार कर दिया। राज्य में अभी राष्ट्रपति शासन लागू है। पीठ ने कहा कि हमने आपकी दलीलें सुन ली हैं। हम इस पर कोई आदेश पारित करने का प्रस्ताव नहीं देंगे।
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हम मामले को उसके मेरिट पर सुनेंगे। मामले की जानकारी मिलने के बाद तुरंत अदालत पहुंचे अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि अदालत एक संवैधानिक प्राधिकार को कोई फैसला लेने से नहीं रोक सकती।
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अदालत संवैधानिक प्राधिकार के फैसले को रद्द कर सकती है, लेकिन यह दलील पूरी तरह से अतार्किक है। आज नहीं तो कल राज्य से राष्ट्रपति शासन हटाना होगा और कोई न कोई सरकार गठित होगी ही।

अल्पमत में आ गयी थी कांग्रेस सरकार

SC dismisses Congress plea on Prez Rule case

इससे पूर्व संकट तब शुरू हुआ जब कांग्रेस के 21 विधायकों ने बगावत कर दी, जिसके बाद नाबाम टुकी की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई। इन लोगों ने भाजपा के 11 विधायकों के साथ मिल कर नाबाम टुकी सरकार को हटाने का प्रयास किया।

बाद में, कांग्रेस के 14 विधायकों को अयोग्य करार दे दिया गया। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कैबिनेट की सिफारिश को मंजूरी देते हुए राष्ट्रपति शासन की मंजूरी दे दी थी। जिसपर कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अरुणाचल प्रदेश के सीएम नबम तुकी और कांग्रेस के केन्द्रीय नेतृत्व ने भी केन्द्र सरकार की कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए इसे राजनीतिक असहिणुता करार दिया था।

वहीं पार्टी प्रवक्ता आनंद शर्मा ने केन्द्र की आलोचना करते हुए इसे जबरन सत्ता हथियाने की चाल बताया था। इसके बाद मामला जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने इसे संविधानपीठ को सौंप दिया।

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