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'6 महीने में भरे जाएं शिक्षकों के खाली पद’
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 03 Oct 2012 02:20 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने छह महीने में देशभर के सभी सरकारी और सरकार से सहायता प्राप्त स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने निर्देश दिया है कि स्कूलों के अदंर पीने के पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं को पूरा किया जाए।
अदालत ने कहा कि पीने का पानी और वॉश रूम जरूरी सुविधाएं है, जिन्हें छह महीने में हर हाल में उपलब्ध कराया जाना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि उसका यह निर्देश सभी निजी स्कूलों पर भी लागू होगा। भले ही वह अल्पसंख्यक दर्जे वाला स्कूल ही क्यों न हो।
अदालत ने कहा कि देश में लड़कियों के स्कूल न जाने का एक कारण वहां पर वॉशरूम का न होना है। निर्देशों का पालन न होने को गंभीरता से लिया जाएगा। न्यायालय ने निर्देशों का पालन नहीं किए जाने की स्थिति में याचिकाकर्ता को अदालत का दरवाजा खटखटाने की भी छूट दी है। इस मामले में कोर्ट के निर्देश के 6 महीने बाद सभी राज्यों को स्टेटस रिपोर्ट सौंपनी होगी।
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अदालत ने कहा कि पीने का पानी और वॉश रूम जरूरी सुविधाएं है, जिन्हें छह महीने में हर हाल में उपलब्ध कराया जाना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि उसका यह निर्देश सभी निजी स्कूलों पर भी लागू होगा। भले ही वह अल्पसंख्यक दर्जे वाला स्कूल ही क्यों न हो।
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अदालत ने कहा कि देश में लड़कियों के स्कूल न जाने का एक कारण वहां पर वॉशरूम का न होना है। निर्देशों का पालन न होने को गंभीरता से लिया जाएगा। न्यायालय ने निर्देशों का पालन नहीं किए जाने की स्थिति में याचिकाकर्ता को अदालत का दरवाजा खटखटाने की भी छूट दी है। इस मामले में कोर्ट के निर्देश के 6 महीने बाद सभी राज्यों को स्टेटस रिपोर्ट सौंपनी होगी।
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