मुश्किल में फंसे सैमसंग के मालिक
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स्मार्टफोन की नामी ब्रांड सैमसंग अब नई मुसीबत में फंस गई है। सैमसंग कंपनी के मालिक को अदालत में हाजिर होना पड़ेगा।
सैमसंग के मालिक ली-कुन-ही की गिरफ्तारी का वारंट कोर्ट ने जारी किया था। जिस पर सैमसंग ने अपने मालिक की गिरफ्तारी वारंट को 6 सप्ताह के लिए रद्द कराने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट से वारंट रुकवाने का आदेश ले लिया था।
एक याचिका की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी के मालिक पर लगे आरोप को अति गंभीर मानते हुए गिरफ्तारी वारंट खारिज करने से मना किया है और कंपनी मालिक को निर्देश दिया है कि वे लोवर कोर्ट में हाजिर हों। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के ऊपर आया है।
गाजियाबाद कोर्ट में पेश होंगे 'ली'
सैमसंग के चेयरमैन 'ली-कुन-ही' के खिलाफ 31 मार्च को गाजियाबाद कोर्ट ने एक मामले में 'ली' की ओर से अदालत के सामने पेश न होने पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
सुप्रीम कोर्ट के दो जजों जस्टिस सीके प्रसाद और जस्टिस पीसी घोष की एक बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि 31 मार्च से ही गिरफ्तारी वारंट जारी माना जाएगा।
सुनवाई के दौरान बेंच ने यह भी कहा कि वह सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश हों और उसी कोर्ट पर जमानत अर्जी दाखिल करें या गिरफ्तारी वारंट के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करें।
'ली' पर क्या हैं आरोप ?
हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक एक भारतीय कंपनी ने सैमसंग के मालिक के खिलाफ 1.4 मिलियन डॉलर की धोखा-धड़ी करने का मामला गाजियाबाद कोर्ट में दर्ज कराया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गाजियाबाद कोर्ट ने सम्मन जारी कर 'ली' को अदालत में पेश होने को कहा था। लेकिन 'ली' अदालत के सामने पेश होने की इलाहाबाद हाई कोर्ट जाकर लोवर कोर्ट का अदालत में पेशी के खिलाफ आदेश पास करा लिया था।
इस पर याचिकाकर्ता कंपनी ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जिस पर सुप्रीम कोट ने 'ली' को अदालत के सामने हाजिर होने का आदेश दिया है।