श्रीनिवासन के खिलाफ सुनवाई से SC का इंकार
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एन. श्रीनिवासन को आईसीसी कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष पद पर काबिज होने से रोकने के लिये दायर याचिका पर तुरंत सुनवाई से इंकार कर दिया।
जस्टिस विक्र मजीत सेन की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि मामले की सुनवाई की कोई हड़बड़ी नहीं है और अवकाश के बाद इस पर सुनवाई होगी। पीठ बिहार क्रिकेट संघ की याचिका पर सुनवाई कर रहा था ।
इसमें कहा गया है कि श्रीनिवासन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने जांच के आदेश दिये हैं। लिहाजा उन्हें आईसीसी का पद संभालने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।
श्रीनिवासन के खिलाफ जांच रिपोर्ट भी कोर्ट में
सर्वोच्च अदालत ने 16 मई को एन.श्रीनिवासन और 12 अन्य के खिलाफ जस्टिस मुकुल मुदगल समिति को जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी।
मुकुल मुदगल समिति ने इससे पहले भी फिकिसंग प्रकरण की जांच करके सीलबंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपी थी जिसमें श्रीनिवासन और 12 खिलाड़ियों के नामों का उल्लेख किया था।
सर्वोच्च अदालत ने समिति को इस मामले की जांच पूरी करके अगस्त के अंत तक सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इस समिति में अतिरिकत सालिसीटर जनरल एल नागेश्वर राव और वकील निलय दत्ता भी शामिल हैं।
गिरफ्तार हो सकते हैं दोषी?
सीबीआई विशेष निदेशक एमएल शर्मा के स्थान पर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी बीबी मिश्रा के नेतृत्व में जांच अधिकारियों के समूह को शीर्षस्थ अदालत ने मुदगल समिति की जांच में सहयोग करने को कहा है।
साथ ही इस समिति को जांच करने, तलाशी लेने तथा संबंधित दस्तावेज जबत करने और साक्ष्य दर्ज करने का अधिकार दिया। अदालत ने कहा था कि जांच समिति को किसी भी व्यकित को गिरफतार करने का अधिकार नहीं होगा। इस समिति की जांच में दिल्ली, मुंबई और चेन्नई पुलिस भी सहयोग करेगी।
सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि श्रीनिवासन और बीसीसीआई के अध्यक्ष पद से हटने के बाद अंतरिम अध्यक्ष के रूप में सुनील गावस्कर और शिवलाल यादव अगले आदेश तक इस पद पर काम करते रहेंगे।