{"_id":"735f6ec7636cd7fef64add8163dc7eaf","slug":"sc-concerned-over-fresh-violence-in-muzaffarnagar","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुजफ्फरनगर: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को फिर लताड़ा","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
मुजफ्फरनगर: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को फिर लताड़ा
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 31 Oct 2013 09:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दंगे के बाद अमन की ओर लौटते मुजफ्फरनगर में फिर से नफरत की आग भड़कने पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जरूरत पड़ी तो वह स्वतंत्र दल भेजकर जांच कराएगी।
विज्ञापन
सर्वोच्च अदालत ने कहा कि हम इस मसले पर बहुत गंभीर हैं। मौजूदा समय में तो अदालत राज्य सरकार से रिपोर्ट ले रहे हैं। लेकिन राहत कैंपों के हालात को लेकर जो खबरें आ रही हैं, वे विरोधाभासी हैं। यदि कोई संदेह हुआ तो स्वतंत्र जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
चीफ जस्टिस पी. सदाशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ ने दंगा प्रभावित क्षेत्र से स्थानांतरित किए गए पुलिसकर्मियों की इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर याचिका के खिलाफ दाखिल राज्य सरकार की स्थानांतरण याचिका पर सुनवाई के दौरान मुजफ्फरनगर में बुधवार को चार लोगों की मौत की घटना पर स्वत: पूछताछ की।
विज्ञापन
पीठ ने प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए अधिवक्ता रवि प्रकाश मेहरोत्रा से पूछा कि क्या आपको हाल ही में प्रभावित क्षेत्र में संघर्ष के दौरान हुई चार लोगों की मौत की घटना की जानकारी है। पीठ में जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई और जस्टिस रंजन गोगोई भी शामिल थे।
जवाब में अधिवक्ता ने कहा कि यह घटना सांप्रदायिक संघर्ष से जुड़ी हुई नहीं है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था से जुड़ा मसला है। इस पर अदालत ने कहा कि हम इस मुद्दे पर बहुत गंभीर हैं। कैंपों के हालातों के संबंध में जो खबरें आ रही हैं, वे राज्य सरकार की रिपोर्ट से बिल्कुल विपरीत हैं।
जवाब में अधिवक्ता ने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और अल्पसंख्यक आयोग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुकी हैं।
पीठ ने अधिवक्ता के जवाब पर कहा कि हम अभी तो अटॉर्नी जनरल और राज्य सरकार की रिपोर्ट से इस मामले में आगे जा रहे हैं। लेकिन यदि कोई शक-सुबा रहा तो अदालत स्वतंत्र दल को प्रभावित क्षेत्र में भेजेगी। इस संबंध में आप पूरी रिपोर्ट अदालत को देंगे।
केंद्र ने यूपी से मांगी रिपोर्ट
केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में फिर से दंगा भड़कने की घटना को गंभीरता से लिया है और इस संबंध में राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है।
गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। हमने उत्तर प्रदेश सरकार से इस संबंध में एक रिपोर्ट मांगी है। हमने राज्य सरकार को कहा भी है कि राज्य में कानून व्यवस्था बचाए रखने के लिए हर तरह की मदद दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि हम मुजफ्फरनगर की स्थिति को लेकर चिंतित हैं, लेकिन वहां अतिरिक्त अर्द्धसैनिक बल भेजने के बारे में निर्णय तब ही लिया जाएगा, जब राज्य सरकार वहां के हालात के बारे में अपनी रिपोर्ट हमें भेज दे।
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में फिर से दंगा भड़कने की घटना में बुधवार रात तीन लोग मारे गए। पिछले एक महीने में इस जिले में दूसरी बार सांप्रदायिक हिंसा भड़की है। पिछली बार हुए दंगे में 62 लोग मारे गए थे।