उद्योगपति विजय माल्या पर 10 लाख का जुर्माना
सुप्रीम कोर्ट ने उद्योगपति विजय माल्या की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने खुद पर विदेशी मुद्रा नियमन कानून (फेरा) के तहत चल रहे आपराधिक मुकदमे को निरस्त करने की गुहार लगाई थी। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने भी माल्या की याचिका खारिज कर दी थी।
न्यायमूर्ति जेएस खेहड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने माल्या पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इससे पहले शीर्ष अदालत ने माल्या की याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि माल्या ने फेरा के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। एक दशक पहले कंपनी के शराब उत्पादों के विज्ञापन के लिए फंड जुटाने के लिए माल्या पर फेरा उल्लंघन का आरोप है।
माल्या ने किंगफिशर ब्रांड का विदेशों में प्रमोशन करने के लिए दिसंबर 1995 में लंदन की कंपनी बेनाटॉन फार्मूला लिमिटेड के साथ करार किया था। निदेशालय इस मामले में माल्या से पूछताछ करना चाहता था।
अशोक चव्हाण की याचिका पर सीबीआई को नोटिस
आदर्श घोटाले में आरोपियों की सूची से अपना नाम हटाने की गुहार संबंधी महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी किया है।
न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए सुनवाई की अगली तारीख 21 जुलाई तय की है।
चव्हाण ने मुंबई हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें इस मामले से नाम हटाने की याचिका खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत चव्हाण पर मुकदमा चलाने का रास्ता साफ हो गया था।
चव्हाण पर अपने पद का दुरुपयोग कर दूसरों को फायदा पहुंचाने का आरोप है। आदर्श सोसाइटी केवल सैन्य अधिकारियों के लिए थी।