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महामहिम नहीं श्री प्रणब मुखर्जी कहिए
दरभंगा/एजेंसी
Updated Mon, 01 Oct 2012 07:37 PM IST
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को उन्हें महामहिम या इस तरह के अन्य भारी भरकम संबोधनों से पुकारा जाना पसंद नहीं है। वह चाहते हैं कि उनके नाम के आगे ‘श्री’ जैसा आम शब्द ही इस्तेमाल किया जाए।
राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी को भेजे गए एक पत्र में यह बात कही गई है। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार विजय प्रसाद सिंह ने बताया कि राष्ट्रपति सचिवालय ने एक पत्र भेजा है, जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति के नाम के आगे महामहिम जैसे शब्द नहीं इस्तेमाल किए जाएं। इन दिशानिर्देशों के बाद हमने यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह के निमंत्रण पत्र से राष्ट्रपति के नाम के आगे से महामहिम हटा लिया है और उनके नाम के आगे श्री का इस्तेमाल किया गया है। तीन अक्तूबर को होने जा रहे दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रपति भी संबोधित करेंगे।
सिंह ने बताया कि पहले छपवाए गए निमंत्रण पत्र पर महामहिम लिखा गया था, यह निमंत्रण पत्र कुछ लोगों को भेज भी दिए गए थे, लेकिन इसमें संशोधन कर हमने फिर से निमंत्रण पत्र छपवाए हैं। राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से भेजे गए पत्र में यह भी कहा गया है कि दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति के लिए अलग या ऊंची कुर्सी नहीं रखी जाए। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने मंच पर बैठने वाले सभी मेहमानों के लिए बराबर ऊंचाई वाली कुर्सियों की व्यवस्था की है। इस समारोह में राष्ट्रपति के साथ मंच पर बैठने वाले नौ गणमान्य लोगों में बिहार के राज्यपाल देवानंद कुंवर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी शामिल होंगे।
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राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी को भेजे गए एक पत्र में यह बात कही गई है। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार विजय प्रसाद सिंह ने बताया कि राष्ट्रपति सचिवालय ने एक पत्र भेजा है, जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति के नाम के आगे महामहिम जैसे शब्द नहीं इस्तेमाल किए जाएं। इन दिशानिर्देशों के बाद हमने यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह के निमंत्रण पत्र से राष्ट्रपति के नाम के आगे से महामहिम हटा लिया है और उनके नाम के आगे श्री का इस्तेमाल किया गया है। तीन अक्तूबर को होने जा रहे दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रपति भी संबोधित करेंगे।
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सिंह ने बताया कि पहले छपवाए गए निमंत्रण पत्र पर महामहिम लिखा गया था, यह निमंत्रण पत्र कुछ लोगों को भेज भी दिए गए थे, लेकिन इसमें संशोधन कर हमने फिर से निमंत्रण पत्र छपवाए हैं। राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से भेजे गए पत्र में यह भी कहा गया है कि दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति के लिए अलग या ऊंची कुर्सी नहीं रखी जाए। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने मंच पर बैठने वाले सभी मेहमानों के लिए बराबर ऊंचाई वाली कुर्सियों की व्यवस्था की है। इस समारोह में राष्ट्रपति के साथ मंच पर बैठने वाले नौ गणमान्य लोगों में बिहार के राज्यपाल देवानंद कुंवर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी शामिल होंगे।
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