{"_id":"1348080a-76bf-11e2-8deb-d4ae52bc57c2","slug":"say-bofors2-chopper-deal-is-not-fare","type":"story","status":"publish","title_hn":"'हेलीकॉप्टर सौदे को बोफोर्स-2 कहना ठीक नहीं'","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
'हेलीकॉप्टर सौदे को बोफोर्स-2 कहना ठीक नहीं'
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 14 Feb 2013 09:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हेलीकॉप्टर खरीद में दलाली लेने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सरकार सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी।
विज्ञापन
सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने बताया कि वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर की खरीद प्रक्रिया एनडीए के कार्यकाल में शुरू हुई और यूपीए सरकार के समय पूरी हुई। लिहाजा जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविकता सामने आ सकेगी।
विज्ञापन
तिवारी ने कहा कि सरकार ने इस मामले की तहकीकात सीबीआई के हवाले कर दी है। इसलिए यह कहना सही नहीं है कि सरकार ने उचित कदम नहीं उठाए। उन्होंने इस मामले की तुलना बोफोर्स कांड से किए जाने पर भी आपत्ति व्यक्त की।
विज्ञापन
विपक्ष के इटली से जुड़े इस सौदे को बोफोर्स-2 के रूप में पेश किए जाने पर उन्होंने याद दिलाया कि बोफोर्स मामले को देश की सर्वोच्च न्यायालय ने 2004 में ही खारिज कर दिया था। उस समय की एनडीए सरकार ने 90 दिन की समय सीमा बीत जाने के बाद भी कोई पुनर्विचार याचिका तक दायर नहीं की थी।
उधर, बीजेपी ने कहा है कि हेलीकॉप्टर खरीद में दलाली के मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में करायी जानी चाहिए। देश के बडे़ नेताओं के दौरों के लिए इटली की अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से हुए 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों के करीब 3600 करोड़ रुपये के सौदे में दलाली का खुलासा होने के बाद से राजनीतिक बवाल मचा हुआ है। इस सौदे में आरोपों के घेरे में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी हैं। वैसे उन्होंने खुद को निर्दोष बताया है।