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आपको भी चाहिए मुफ्त बिजली, तो पढ़िए ये कमाल की स्कीम

Wed, 12 Aug 2015 01:18 PM IST
Updated Wed, 12 Aug 2015 01:18 PM IST
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save electricity and got it in free as well

बिजली बचाइए और उसके बदले मुफ्त में बिजली पाइए। केंद्र सरकार की ग्रिड कनेक्टेड सोलर रूफटॉप पावर प्लांट योजना का यही फायदा है। इसके लिए शासन स्तर पर टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है और अगले माह से योजना लागू होने जा रही है।

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पावर प्लांट के लिए उपकरणों पर केंद्र सरकार की ओर से 15 फीसदी की सब्सिडी भी दी जाएगी लेकिन यह लाभ उन्हीं को मिलेगा, जिन्हें पावर कॉरपोरेशन अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) देगा।
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इस योजना के तहत एक किलोवाट से 500 किलोवाट तक की क्षमता वाले पावर प्लांट स्वीकार किए जाएंगे। ग्रिड कनेक्टेड सोलर रूफटॉप पावर प्लांट भवनों की छत लगाया जाएगा। एक किलोवाट का प्लांट लगाने में 90 हजार रुपये का खर्च आएगा, जिस पर 15 फीसदी सब्सिडी मिलेगी।
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सौर ऊर्जा के जरिये दिन में ही बिजली मिलेगी। रात के वक्त पावर कॉरपोरेशन से होने वाली विद्युत आपूर्ति पर निर्भर रहना होगा। खास यह कि कोई घर में ताला लगाकर कहीं बाहर चला जाता है और सौर ऊर्जा का उपयोग नहीं करता है तो ऊर्जा पावर कॉरपोरेशन के ग्रिड में ट्रांसफर हो जाएगी। जितनी ऊर्जा ग्रिड में ट्रांसफर होगी, उतनी बिजली पावर कॉरपोरेशन की ओर से संबंधित भवन को मुफ्त में दी जाएगी।

किसके आवेदन होंगे स्वीकार?

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नेडा के परियोजना अधिकारी राजमणि पांडेय के मुताबिक पहले प्रस्ताव था कि ग्रिड में ट्रांसफर हुई ऊर्जा का पावर कॉरपोरेशन भुगतान करे लेकिन कॉरपोरेशन इसके लिए तैयार नहीं हुआ, सो ग्रिड में ट्रांसफर ऊर्जा को पावर कॉरपोरेशन की ओर से की जाने वाली सप्लाई से समायोजित करने का निर्णय लिया गया।

इस योजना के तहत वही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, जिन्हें पावर कॉरपोरेशन एनओसी देगा। भवन में जितने लोड का बिजली कनेक्शन स्वीकृत है, उतनी ही क्षमता का पावर प्लांट लगाने की मंजूरी मिलेगी।

योजना का लाभ सभी प्रकार के आवासीय भवनों, सभी प्रकार के निजी एवं सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों,  केंद्र एवं राज्य सरकार के दफ्तरों, सामुदायिक केंद्रों, वृद्धाश्रमों, अनाथालयों आदि को मिलेगा। जिन भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती हैं, उन्हें इस योजना से अलग रखा गया है।

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