आपका शहर Close

केंद्र के भेजे मसौदे पर सत्याग्रही असहमत

ब्रजेश दुबे/आगरा

Updated Wed, 10 Oct 2012 11:56 AM IST
satyagrahi disagree on central government draft
मंगलवार को मसौदा तो पहुंच गया मगर मिले ‘वही ढाक के तीन पात’। दो अक्टूबर को ग्वालियर में जिन मुद्दों पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश बैरंग वापस हुए थे, उनमें से कुछ ही मुद्दों पर जनसत्याग्रहियों और केंद्र सरकार के बीच सहमति बनती नजर आ रही है। मंगलवार को दिल्ली से उन्हीं मांगों का मसौदा ‘कॉमन मिनिमम प्रोग्राम’ की शक्ल में तैयार कर सहमति लेने के लिए भेजा गया है। हालांकि, दिल्ली में अन्य मुद्दों पर अभी बातचीत चल रही है। देर रात या फिर बुधवार तक कई अन्य मुद्दों पर दिल्ली झुक सकती है।
भले ही बाद से रोहता तक फैले पड़ाव की आंखें आगरा की ओर हों, लेकिन कोर कमेटी के कान दिल्ली की आवाजों पर थे। दिल्ली में सोमवार रात तैयार हुए मसौदे को कॉमन मिनिमम प्रोग्राम की शक्ल में मंगलवार को आगरा की कोर कमेटी के पास भेजा गया। हालांकि, मसौदे में क्या है इसे लेकर कमेटी कुछ बोलना नहीं चाहती है, लेकिन समझौते पत्र पर केंद्रीय मंत्री के हस्ताक्षर आगरा में होना तय है। दिल्ली से आए मसौदे पर सुबह कोर कमेटी की चर्चा के बाद ड्राफ्ट में संशोधन कराए गए। इसमें प्रमुख रूप से बेघरों के लिए आवास, भूमिहीनों को भूमि और आदिवासियों के वन हित संरक्षण के बिंदु शामिल हैं।

सुबह ड्राफ्ट को लेकर चर्चा के बाद पीएमओ ऑफिस से संसदीय कार्य मंत्री और पीएमओ में राज्यमंत्री नारायण सामी से चर्चा के बाद ड्राफ्ट के संशोधित बिंदुओं पर चर्चा के लिए शाम चार बजे का समय तय किया गया। शाम चार बजे वार्ता से पहले केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने भी पीवी राजगोपाल से बात की। इसके बाद वार्ता शुरू हुई। हालांकि, कमेटी ने तय किया है कि मसौदा अभी सार्वजनिक नहीं किया जाए।

शिवराज चलेंगे पदयात्रा में, कर सकते हैं घोषणाएं
सत्याग्रह यात्रा में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार सुबह शामिल होंगे। माना जा रहा है कि वह भूमि सुधार कानून, वन एवं ख्रनिज तथा भूमिहीनों को भूमि एवं बेघरों को आवास दिलाने के संबंध में घोषणा कर सकते हैं।

मसौदे में आए प्रस्ताव
-बेघरों के लिए आवासीय भूमि की व्यवस्था करना
-भूमिहीनों को भूमि देना
-आदिवासियों के लिए वन हित संरक्षण काननू बनाना
-तेज गति से काम करने के लिए टास्क फोर्स का गठन
-शोषितों के मुकदमों की फ्री सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन
-किसानों के लिए सिगंल विंडो सिस्टम की व्यवस्था
-भूमि सुधार के लिए भूमि सुधार कानून और आयोग का गठन
-ग्राम्य विकास मंत्रालय की तरफ से ड्राफ्ट तैयार किया जाना
-मंत्रालय की तरफ से टास्क फोर्स का प्रस्ताव

टल सकते हैं ये प्रस्ताव
-वनाधिकार कानून का प्रभावी क्रियान्वयन
-पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और एक वर्ष में प्रभावी संशोधन
-राज्य सरकारों द्वारा भूमि सीमा का अधिकतम सीमा का पुनर्निर्धारण
-जल, जंगल, जमीन, खदान संबंधी कानूनों के संबंधित लोकसेवकों की भूमिका और दायित्व का पुनर्निर्धारण
-भू-संपत्तियों पर महिलाओं की पुरुषों के बराबर भागीदारी
Comments

स्पॉटलाइट

'छोटी ड्रेस' को लेकर इंस्टाग्राम पर ट्रोल हुईं मलाइका, ऐसे आए कमेंट शर्म आएगी आपको

  • शनिवार, 16 दिसंबर 2017
  • +

Bigg Boss 11: सपना चौधरी के बाद एक और चौंकाने वाला फैसला, घर से बेघर हो गया ये विनर कंटेस्टेंट

  • शनिवार, 16 दिसंबर 2017
  • +

प्रियंका चोपड़ा को बुलाने की सोच रहे हैं तो भूल जाइए, 5 मिनट के चार्ज कर रहीं 5 करोड़ रुपए

  • शनिवार, 16 दिसंबर 2017
  • +

न्यूड योगा: बिना कपड़े पहने योग करती हैं ये एक्ट्रेसेज, जानेंगे फायदे तो आप भी होंगे इंप्रेस

  • शनिवार, 16 दिसंबर 2017
  • +

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए निकाली बंपर वैकेंसी

  • शनिवार, 16 दिसंबर 2017
  • +

Most Read

पुरुषों के आत्महत्या करने की खबर कभी नहीं सुनी : मेनका 

Never heard of men committing suicide, Says Minister Maneka Gandhi
  • शुक्रवार, 30 जून 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!