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'मोदी के दबाव में लागू हुआ जाट आरक्षण'

Fri, 07 Mar 2014 01:04 PM IST
Updated Fri, 07 Mar 2014 01:04 PM IST
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Satpal singh said congress take fast decision under modi's pressure

आईपीएस की नौकरी छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर सतपाल सिंह जाट आरक्षण का श्रेय नरेंद्र मोदी के सिर बांध रहे हैं।

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सतपाल का कहना है कि यूपीए सरकार ने भले ही आनन फानन में जाट आरक्षण को लागू किया हो लेकिन यह मोदी का ही आभा मंडल और प्रभाव था जिसने सरकार पर इसे लागू करने का दबाव बनाया।

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'भाजपा ने लागू क‌िया था पहले आरक्षण'

Satpal singh said congress take fast decision under modi's pressure

सतपाल का कहना है कि यह भाजपा ही है जो जाट समुदाय के लिए आरक्षण की वकालत लंबे समय से करती आ रही है।

फिर अचानक ऐसा क्या हो गया कि 20 साल से लटकते आ रहे इस मुद्दे पर यूपीए सरकार में आम सहमति बन गई और इसे आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले लागू कर दिया गया।

नरेंद्र मोदी के दबाव ने जाट समुदाय के लिए आरक्षण लागू करने में मुख्य भूमिका निभाई है। दरअसल, उत्तर प्रदेश में सबसे पहले भाजपा सरकार ने ही जाटों के लिए आरक्षण लागू किया था।

इसे भाजपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री रामप्रकाश गुप्ता ने लागू किया था। इसके बाद राजस्थान में वसुंधरा राजे ने इसे लागू किया।

अजी‌त ले रहे हैं आरक्षण का श्रेय

Satpal singh said congress take fast decision under modi's pressure

बागपत में रालोद सुप्रीमो अजित सिंह को लोकसभा चुनाव में चुनौती देने के लिए मैदान में उतरे सतपाल ने कहा कि अजित जाट आरक्षण का श्रेय मुफ्त में ले रहे हैं। उन्होंने पहले इसके लिए कुछ नहीं किया।

सतपाल का यह भी मानना है कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले जाटों को आरक्षण से जरूर कुछ फायदा मिल सकता है। इसका कारण सरकारी नौकरियों का प्रतिशत 1.8 है। लेकिन 98 फीसदी नौकरियां निजी क्षेत्र में हैं। ऐसे में गांवों में रहने वाले जाटों को इसका ज्यादा फायदा नहीं मिलने वाला है।

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