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पाक सीमा पर सख्ती से वाराणसी को नुकसान

Wed, 03 Sep 2014 11:54 AM IST
Updated Wed, 03 Sep 2014 11:54 AM IST
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Saree business affected because of indo-pak bad relation.

नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा पर बरती जा रही सख्ती से बनारसी साड़ी कारोबार को झटका लगा है। पिछले दो महीने से इन दोनों देशों में बनारसी साड़ी नहीं पहुंच रही है।

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निर्यातकों के मुताबिक बांग्लादेश में सालाना दो हजार करोड़ और पाकिस्तान में सालाना ढाई हजार करोड़ रुपये का बनारसी साड़ी एवं कपड़ों का कारोबार है।
 
बनारसी साड़ी दिल्ली, पंजाब होते हुए और दुबई के रास्ते पाकिस्तान तक पहुंचती है। वहीं बांग्लादेश के लिए माल कोलकाता होते हुए पहुंचता है। बनारसी साड़ी ने इन तीनों देशों में हजारों लोगों को रोजगार दे रखा है।
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लेकिन इस समय सीमा पर बरती जा रही सख्ती की वजह से बनारसी साड़ी के निर्यातकों को इन देशों में माल पहुंचाने में दिक्कत हो रही है।

बांग्लादेश जाने वाला माल सड़क मार्ग से जाता है जबकि दुबई और पाकिस्तान जाने वाला माल हवाई और जल मार्ग से पहुंचता है। पाकिस्तान और बांग्लादेश में माल की खपत न होने की वजह से विभिन्न देशों में नए बाजार भी तलाशे जा रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि राजनीतिक संबंध अपनी जगह हैं लेकिन कारोबार को प्रभावित नहीं होना चाहिए।

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पाक के ताजा हालात से एलओसी ट्रेड भी प्रभावित

Saree business affected because of indo-pak bad relation.

पिछले लगभग दो माह से भारत-पाक  सीमा और नियंत्रण रेखा  पर तनाव तथा पाकिस्तान में ताजा राजनीतिक उथलपुथल का असर क्रास एलओसी ट्रेड पर दिखने लगा है।

पुंछ के चक्का दा बाग से कारोबार करने वाले व्यापारियों की मानें तो पिछले दो माह में व्यापार घटा है। उन्हें इस बात का डर है कि कहीं तनाव से कारोबार बंद होता है तो उनकी पूंजी फंस जाएगी।
 
ज्वाइंट चैंबर आफ एलओसी ट्रेडर्स के प्रवक्ता (पुंछ) सिराज अहमद खान कहते हैं कि सप्ताह में चार दिन चलने वाले कारोबार में चक्का दा बाग से रोजाना 25 ट्रक माल सीमा पार भेजने की अनुमति है, लेकिन अब 12-15 ट्रक ही माल जा रहा है।

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