फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   sarabjits body will be cremated with full state honours

भारत पहुंचा सरबजीत सिंह का पार्थिव शरीर

Thu, 02 May 2013 08:21 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 02 May 2013 08:21 PM IST
विज्ञापन
sarabjits body will be cremated with full state honours

सरबजीत सिंह का पार्थिव शरीर लेकर लाहौर एयरपोर्ट से रवाना हुआ विशेष विमान अमृतसर पहुंच गया है।

विज्ञापन


शुक्रवार को भिखीविंडी में सरबजीत के शव का फिर से पोस्टमार्टम किया जाएगा। इस बाबत परिवार से दस्तखत करा लिए गए हैं।

सरबजीत का अंतिम संस्कार शुक्रवार को पंजाब में उनके पैतृक गांव भिखीविंडी में किया जाएगा।

पाकिस्तान के अधिकारियों की वजह से विमान करीब 45 मिनट देरी से रवाना हुआ। नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों ने शव को प्लेन में चढ़ाने से पहले रोक लिया था।

विभाग का कहना था कि शव को भारत भेजने के लिए जरूरी अस्पताल का क्लीयरेंस सर्टिफिकेट नहीं दिया गया है। कस्टम अधिकारियों ने शव को प्लेन में चढ़ाने से पहले विदेश विभाग का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट और पुलिस रिपोर्ट मांगी।

वहीं, कोट लखपत जेल में सरबजीत सिंह के साथ तीन साल गुजारने वाले जुम्मा खान ने आशंका जताई है कि पाकिस्तान की जेलों में बंद अन्य भारतीय कैदियों पर भी हमले हो सकते हैं।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि सरबजीत की हत्या में आईएसआई का हाथ है। वे किसी अन्य भारतीय कैदी पर भी हमला करा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष लखपत जेल में भारतीय कैदी चमेल सिंह की भी पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी थी।

पाकिस्तान की जेल से दो वर्ष पूर्व रिहा हुए जुम्मा खान अपने गांव रासबनी में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरबजीत को इस बात का यकीन हो गया था कि उसे अब फांसी नहीं होगी इस बात को लेकर वह हमेशा खुश रहता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


वह कहता था कि वह निर्दोष है। उसने पाकिस्तान में कोई भी विस्फोट नहीं किया है। वह रेहडी पर सामान बेचते हुए पकडा गया था। उसे आईएसआई ने फंसाया था।

जांच की मांग
विदेश मंत्रालय ने सरबजीत सिंह की मौत की जांच की मांग की है।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'सरबजीत सिंह की मौत पाकिस्तान की जेल में बंद एक भारतीय नागरिक की हत्या है। पाकिस्तान इस मामले की जांच कराए और ये सुनिश्चित करे कि सरबजीत की मौत के लिए जो जिम्मेदार है, उन्हें सजा दी जाए।

सरबजीत सिंह की मौत पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी गहरा शोक व्यक्त किया।

उन्होंने शोक संदेश में कहा, 'मैं सरबजीत सिंह के निधन से काफी दुखी हूं। वे भारत के बहादुर बेटे थे, जिन्होंने अपनी दारूण पीड़ा को साहस और धैर्य के साथ सहा। उन पर नृशंस जानलेवा हमला करने वाले अपराधियों को न्याय के समक्ष पेश किया जाना चाहिए।'

विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि सरबजीत की मौत से भारत और पाकिस्तान के संबंधों को धक्का लगा है।

सरकार के रवैये पर सवाल
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि आज पूरा देश सदमे में है। सबसे शर्मनाक बात यह है कि सारी जानकारी होने के बाद भी भारत सरकार ने जरूरी कदम नहीं उठाए। पाक के कातिल चेहरे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उजागर करने के लिए यह सबसे सटीक मामला है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने कहा, 'यह एक नृशंस हत्या है। यह किसी सभ्य देश के व्यवहार का तरीका नहीं है।'

शहीद का दर्जा देने की मांग
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष राज कुमार विर्का ने कहा कि उनकी बेटियां बताना चाहती हैं कि उनके पिता कातिल नहीं हैं। इस लिए उनको शहीद का दर्जा देने की मांग की है।

उन्होंने बताया कि सरबजीत के परिजनों ने सरकार से घर की जिम्मेदारी उठाने की मांग की है। परिजनों के मांगों पर विचार करने के लिए सरकार ने आज एक बैठक रखी है।

सरबजीत के परिवार के सदस्य को नौकरी
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा है कि सरबजीत का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। साथ ही उन्होंने सरबजीत के परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सरबजीत के परिजनों का 25 लाख देने की घोषणा की है।  

कांग्रेस ने जताया रोष
कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि पाकिस्तान में जो कुछ हुआ है वह नितांत अमानवीय है और बहुत क्रुर है। यह समूची न्याय और दंड प्रक्रिया के विरूद्ध है।

उन्होंने कहा कि देश का एक-एक नागरिक इस घटना से क्षुब्ध और दुखी है। पाकिस्तान को सोचना और समझना चाहिये कि भारत में जो लोग बंद हैं उनके साथ किस तरह का सलूक किया जाता है।

संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने घटना पर रोष जताते हुए कहा कि इससे पाकिस्तान का असली रूप सामने आ गया है।

सरबजीत के पैतृक गांव में सन्नाटा
अमृतसर से करीब 22 किलोमीटर दूर पंजाब के तरनतारन जिले के भिखीविंड गांव में आज सुबह से ही सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों को सुबह जब यह पता चला कि उनके लाडले सबरजीत की मौत हो गई तो वहां पर सन्नाटा पसर गया।


गांव में स्वत: ही दुकाने, व्यापारिक प्रतिष्ठानें और स्कूले बंद है।

आक्रोशित लोगों ने पाकिस्तान के विरूद्ध नारेबाजी करते हुए पाकिस्तानी झंडे जलाए। इस बीच जिला प्रशासन ने गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ कर दी है।

सीमा सुरक्षा बल और सशस्त्र बलों को अलग-अलग जगहों पर तैनात कर दिया गया है। आस-पास के गांव वाले भी सरबजीत के शव को अंतिम दर्शन करने के लिए भिखीविंड पहुंचना शुरू कर दिये है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed