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सरबजीत की हालत नाजुक, पाकिस्तान पहुंचे परिजन

Sun, 28 Apr 2013 03:09 PM IST
नई दिल्ली/इस्लामाबाद/ब्यूरो/एजेंसी
नई दिल्ली/इस्लामाबाद/ब्यूरो/एजेंसी Updated Sun, 28 Apr 2013 03:09 PM IST
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sarabjit singh critical after attack in pakistani jail

कातिलाना हमले के बाद जिंदगी की जंग लड़ रहे सरबजीत सिंह से मिलने उनके परिजन पाकिस्तान पहुंच गए हैं। थोड़ी देर में वे लोग लाहौर पहुंच जाएंगे। लाहौर के सरकारी जिन्ना अस्पताल में सरबजीत का इलाज चल रहा है।

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सरबजीत से मिलने वालों में उनकी पत्नी सुखप्रीत कौर, बेटियां पूनम व स्वप्नदीप कौर और बहन दलबीर कौर शामिल हैं।

24 घंटे साथ रहेगा एक सदस्य
इन लोगों को पाकिस्तानी उच्चायोग ने 15 दिन के लिए वीजा दिया है। इनमें से कोई एक सदस्य सरबजीत के देखभाल के लिए 24 घंटे उनके साथ रहेगा।

ये लोग रविवार को वाघा बॉर्डर से सड़क मार्ग के जरिए उनसे मिलने पाकिस्तान पहुंचे। रवानागी से पहले सरबजीत के परिजनों ने स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका।

भारतीय अधिकारियों को मिलने पर लगी रोक
इध्ार, टीवी चैनलों के मुताबिक कातिलाना हमले के बाद लाहौर के सरकारी जिन्ना अस्पताल में भर्ती सरबजीत सिंह से मिलने गए भारतीय अधिकारियों को रोक दिया गया है।
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यहां तक कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने भारतीय राजनायिकों को मेडिकल रिपोर्ट दिखाने से भी मना कर दिया गया।

सरबजीत सिंह की गहरी बेहोशी हालत (डीप कोमा) में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक सरबजीत की हालत में सुधार नहीं होता, उसकी गहरी चोटों की सर्जरी नहीं की जा सकती है।
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हमले को लेकर देश में उबाल: देखें फोटो



पाकिस्तान में उनके रहने का इंतजाम भी किया जा चुका है। दलबीर के अनुसार पाकिस्तान सरकार ने परिवार के एक सदस्य को लाहौर के अस्पताल में सरबजीत के पास रहने की भी अनुमति प्रदान की है, जहां उसका इलाज चल रहा है। इसके अलावा पाकिस्तान ने भारतीय दूतावास के दो कर्मचारियों को अस्पताल में भी रहने की अनुमति प्रदान कर दी है।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सरबजीत पर हुए हमले को ‘बेहद दुखद’ बताया है। वहीं भारत सरकार ने इस हमले और 49 वर्षीय सरबजीत की सुरक्षा में हुई गंभीर चूक को लेकर पाकिस्तान से कड़ा विरोध जताया है। इस्लमाबाद में भारत के उच्चायुक्त ने पाकिस्तान विदेश मंत्रालय में विरोध जाहिर किया।

सरबजीत पर जानलेवा हमले का भारत भर में विरोध हो रहा है। शनिवार को अनेक शहरों में पाकिस्तान और आईएसआई विरोधी प्रदर्शन हुए। सरबजीत इस समय आईसीयू में है।

उस पर शनिवार को कोट लखपत जेल में कुछ कैदियों ने ब्लेड, ईंट और घी के टिन से बने हथियारों से बेरहमी से हमला किया था।

अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर के अनुसार, ‘सरबजीत के सिर, जबड़े, पेट समेत शरीर के अन्य अंगों पर गंभीर चोटें लगी हैं। उसकी हालत गंभीर है। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।’

sarabjit singh

















हमले की खबर के बाद से सरबजीत की बहन दलबीर की
रो-रोकर तबियत बिगड़ चुकी है।

सरबजीत को 1990 में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कथित बम धमाके करके 14 लोगों की जान लेने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई है। जबकि वह और भारत सरकार उसे बेगुनाह बताते रहे हैं।


इस बीच इस्लामाबाद से लाहौर पहुंचे भारतीय उच्चायोग के दो अधिकारियों ने शनिवार को सुबह सरबजीत की हालत का जायजा लिया।

पाकिस्तान ने भी इस मामले में अपना पहला आधिकारिक बयान जारी करते हुए कैदियों के ‘झगड़े’ में सरबीज के घायल होने की बात स्वीकारी और कहा कि डॉक्टर उसे बचाने के लिए चौबीसों घंटे सजग हैं। अस्पताल के चारों तरफ यहां सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

इलाज में मदद के लिए भारत ने की पेशकश
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद सरबजीत सिंह को भारत को लौटाने की बात पाकिस्तान से कही है और कहा है कि भारत उसके इलाज में मदद कर सकता है।

उन्होंने यहां मीडिया से कहा भारत सरबजीत को लौटा लाने की हर कोशिश करता रहेगा। उन्होंने कहा कि इस समय सरबजीत को भारत लाने का आधार न भावनात्मक है और न राजनीतिक।

पाकिस्तान को उसे पूरी तरह चिकित्सकीय आधार पर भारत को सौंपना चाहिए। खुर्शीद ने कहा कि अगर पाकिस्तान कहे तो भारत सरबजीत के इलाज में भी उसकी मदद कर सकता है।

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