सारा मौत मामला: गृह सचिव के आदेश पर अमनमणि की गिरफ्तारी
गृह सचिव एसके रघुवंशी की भांजी की सड़क हादसे में मौत के बाद सीओ शिकोहाबाद श्यामकांत ने आलाधिकारियों के निर्देश पर जेल में बंद पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के पुत्र अमनमणि को जिला अस्पताल से हिरासत में ले लिया।
आरोपी पूर्व से लखनऊ के गौतमपल्ली थाने का वांछित अपराधी था। वह सड़क दुर्घटना घायल हुई पत्नी सारा को लेकर जिला अस्पताल आया था। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। हाईप्रोफाइल मामले में रात तक उठापठक चलती रही।
सड़क हादसे में सारा की मौत की खबर के बाद पुलिस अफसरों के फोन की घंटी घनघनाने लगी। मामला गृह सचिव एसके रघुवंशी के परिवार का था। इसलिए पुलिस किसी भी तरह की लापरवाही बरतना नहीं चाह रही थी। देर शाम गृह सचिव ने अमनमणि की गिरफ्तारी के आदेश एसएसपी फीरोजाबाद पीयूष श्रीवास्तव को दे दिए।
लखनऊ के गौतमपल्ली थाने के एक मामले में था वांछित
अमन के खिलाफ लखनऊ के थाना गौतमपल्ली में प्रापर्टी डीलर को धमकी देना और चौथ मांगने का मामला पूर्व से दर्ज था। लखनऊ पुलिस उसके घर की कुर्की करने के साथ भगोड़ा घोषित कर चुकी थी। सचिव के फोन के बाद फीरोजाबाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए ताना बाना बुनना शुरू कर दिया।
सीओ शिकोहाबाद श्यामकांत, सीओ सिटी राजेश चौधरी, कोतवाल उत्तर शशिकांत शर्मा क्यूआरटी जवानों के साथ जिला अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद अमनमणि को हिरासत ले लिया। उसे सिरसागंज थाने ले गए। सीओ सिटी राजेश चौधरी का कहना है कि अमनमणि को हिरासत में लिए जाने की खबर लखनऊ पुलिस को दी गई है। देर रात तक लखनऊ पुलिस आरोपी को लेकर जाएगी।
चेस्ट में चोट लगने के कारण हुई मौत
सारा की पीएम रिपोर्ट पर गौर किया जाए तो उसकी मौत सीने में चोट लगने के कारण हुई है। उसका फेफड़ा फट गया था। वहीं सिर में भी चोट बताई जा रही है।
सचिव का फोन आने के बाद हरकत में आई पुलिस
सिरसागंज में हाइवे पर हादसे में सारा बुरी तरह घायल हो गई और हास्पिटल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं अमनमणि त्रिपाठी को खरौंच तक नहीं लगी। पुलिस हादसे को शक की नजरों से देख रही है।
हादसे में गाड़ी का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। अमन ने बताया कि गाड़ी में दोनों ने सीट बेल्ट नहीं पहनी थी। जब हादसा हुआ तो गाड़ी सारा की ओर से पलटी थी और वह शीशे के बाहर जा गिरी। इस दौरान उसके सिर में चोट लगी।
घर वालों के विरोध के बावजूद हुई थी शादी
अमन और सारा की शादी को लेकर पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी नाराज थे उन्हें यह शादी स्वीकार नहीं थी। इसके बावजूद भी दोनों का विवाह हुआ। अमन की माने तो सारा की मां इससे सहमत थीं।
सबसे पहले पहुंचे बाबा
हादसे के बाद जानकारी पाकर सबसे पहले अमन के बाबा पूर्व मंत्री श्याम नारायण फीरोजाबाद पहुंचे। अमन से घटना की जानकारी ली। मामले की जानकारी के बाद पुलिस से भी वार्ता की। अमन की गिरफ्तारी के दौरान वह काफी आहत दिखे।