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संत समाज की मांग, आदित्यनाथ हों सीएम उम्मीदवार

Tue, 02 Feb 2016 10:10 PM IST
Updated Tue, 02 Feb 2016 10:10 PM IST
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Sant Samaj demands BJP to make Adityanath CM Candidate

गोरखनाथ मंदिर में आयोजित भारतीय संत सभा की आंतरिक बैठक में मंगलवार को महंत आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री के तौर पर पेश करने का निर्णय हुआ है। बैठक के बाद स्वामी चिन्मयानंद ने इस निर्णय के बारे में जानकारी दी।

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उन्होंने कहा कि जिस तरह 2011 में अहमदाबाद में आयोजित बैठक में संत समाज ने नरेंद्र मोदी को पीएम के तौर पर प्रोजेक्ट किया था और 2014 में केंद्र में राजग की सरकार बनी।
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उसी तरह यूपी में ऐसा चेहरा प्रोजेक्ट किया जाये जो युवा हो, राम मंदिर बनाने को कृतसंकल्प हो और इसके लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हो। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला राम मंदिर के पक्ष में आता है तो जरुरी है कि प्रदेश में इस विचारधारा का शख्स जरुरी है।
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धर्म जागरण के बहाने राममंदिर निर्माण पर चर्चा

Sant Samaj demands BJP to make Adityanath CM Candidate

धर्म जागरण पर चर्चा के बहाने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने एक बार फिर यूपी में राम मंदिर निर्माण आंदोलन को हवा दे दी है। गोरखपुर में मंगलवार को संपन्न संघ की दो दिवसीय बैठक में अयोध्या में रामलला की भूमि पर भव्य मंदिर निर्माण को लेकर मंथन हुआ।

इस बैठक में संघ के सह कार्यवाहक डॉ.कृष्णगोपाल, क्षेत्र प्रचारक शिवनारायण, गोरक्ष पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। संघ की इस दो दिवसीय बैठक की अहमियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बैठक में गोरक्ष प्रांत के अलावा काशी और अवध प्रांत के वरिष्ठ प्रचारक, राममंदिर आंदोलन से जुड़े साधु-संत और पुराने कारसेवक भी बुलाए गए थे।

गौरतलब है कि राममंदिर आंदोलन को लेकर संघ अपनी स्थिति पहले ही साफ कर चुका है। मंदिर निर्माण के लिए देश में एक सर्वमान्य माहौल तैयार करने की जिम्मेदारी भी संघ ने अपने वरिष्ठ पदाधिकारियों को दी है। काशी प्रांत में भी पांच प्रमुख रणनीतिकारों को इस काम में लगाया गया है। जो लगातार संघ की इस योजना के तहत विभिन्न कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। इन्हीं रणनीतिकारों ने गोरक्ष प्रांत की बैठक के लिए तीन प्रमुख संतों की टोली काशी से भेजी थी।

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