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स्कूलों में संस्कृत की पढ़ाई अनिवार्य बनाने की मांग

Mon, 21 Jan 2013 11:24 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Mon, 21 Jan 2013 11:24 PM IST
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sanskrit studies sought to make it compulsory in schools

संस्कृत के उत्थान व विकास के लिए इस भाषा के विद्वानों ने स्कूल स्तर तक इसकी पढ़ाई को अनिवार्य बनाने पर जोर दिया है। यह सुझाव राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के चतुर्थ वार्षिक सम्मेलन में रखा गया। इस अवसर पर मानव संसाधन मंत्री एमएम पल्लम राजू ने कहा कि गुरुकुल व्यवस्था की अच्छी परंपराओं और वर्तमान प्रजातांत्रिक मूल्यों के संयोग से संस्कृत की शिक्षा को अधिक प्रासंगिक बनाया जाना चाहिए।

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हमारी सरकार संस्कृत के विकास के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है। उन्होंने इस संस्थान को विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय बनने की आशा जताई। अभी इस संस्थान को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा हासिल है। इस सम्मेलन में लाल बहादुर शास्त्री विद्यापीठ के कुलपति मुकुंदकम शर्मा ने कक्षा नौ तक संस्कृत की पढ़ाई अनिवार्य बनाने का सुझाव रखा जिसका राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के उप कुलपति राधावल्लभ त्रिपाठी ने समर्थन किया।
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