फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   'Sanskrit can replace English as link language'

हिंदी-अंग्रेजी की जगह ले सकती है संस्कृत!

Sun, 23 Nov 2014 04:51 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला
टीम डिजिटल/ अमर उजाला Updated Sun, 23 Nov 2014 04:51 PM IST
विज्ञापन
'Sanskrit can replace English as link language'

अभी केंद्रीय विद्यालयों से तीसरी भाषा के तौर पर जर्मन भाषा हटाने पर विवाद थमा भी नहीं था कि मोदी सरकार की केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने एक नया शिगूफा छोड़ दिया है।

विज्ञापन


इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने शनिवार को कहा कि पूरे भारत में संस्कृत भाषा अंग्रेजी का स्थान ले सकती है। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा, अंग्रेजी भाषा की जगह पूरे भारत में लिंक भाषा के रूप में आ सकती है। इस भाषा को सभी लोग समझ सकते हैं।
विज्ञापन


यह बात उन्होंने तीन दिवसीय जल मंथन कार्यक्रम के दौरान कही। कार्यक्रम के दौरान वहां मौजूद श्रोताओं में से एक ने कहा कि मंच से बोलने वाले लोगों को हिंदी में बोलना चाहिए था जिससे यहां पर लोगों को समझ में आ सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस पर उमा भारती ने कहा कि कुछ लोग यहां पर अंग्रेजी को नहीं समझ सकते हैं तो कई लोग हॉल में ऐसे भी हैं जो खुद को हिंदी में संवाद नहीं कर सकते हैं। यह समस्या तभी दूर हो सकती है जब संस्कृत को हम एक लिंक भाषा के तौर पर अपना लें। सही मायनों में संस्कृत ही भारत की राष्ट्र भाषा है। पूरे भारत के हर गांव में आप देख सकते हैं कि दो-तीन लोगों को अंग्रेजी का कितना ज्ञान है।

पूरे भारत में अंग्रेजी बोलने और समझने वाले लोगों से ज्यादा संख्या संस्कृत बोलने व समझने वालों की है।

अंग्रेजी पर निर्भर होने के बावजूद अभी तक भारत में संस्कृत भारत की सबसे प्रसिद्घ और सामान्य तौर पर बोली जाने वाली भाषा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed