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शंकराचार्य का दावा, ताजमहल के नीचे है महादेव मंदिर

Thu, 09 Apr 2015 08:59 AM IST
Updated Thu, 09 Apr 2015 08:59 AM IST
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sankracharya said that, Tajmahal is a lord shiva temple

साई का मुद्दा अभी थमा भी नहीं था कि ज्योतिष एवं द्वारका शारदापीठधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने ताजमहल के नीचे मंदिर होने की बात कहकर नई बहस छेड़ दी है। बुधवार को उन्होंने दावा किया कि ताजमहल के नीचे अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान हैं।

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इस बाबत अदालत में वाद भी दायर किया गया है। ऐतिहासिक तथ्यों के मुताबिक सन 1156 में राजा परमारदेव ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया और बाद में इसका स्वामित्व भी उन्ही के वंशजों के पास रहा लेकिन सन 1631-32 में शाहजहां ने इस पर कब्जा करते हुए अपनी मलिका मुमताज महल का स्मारक बनवा दिया।
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पुरातात्विक साक्ष्य इसके हिन्दू मंदिर होने को प्रमाणित करते हैं, ऐसे में जरूरी है कि ताजमहल की निचली दो मंजिलों को खोला जाना चाहिए ताकि हिन्दू जनमानस वहां दर्शन और पूजा आराधना कर सके।
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वहीं साई मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए शंकराचार्य ने फिर दोहराया और दावा कि या कि  साईं मुसलमान थे। सो उनकी पूजा अर्चना करके हिन्दू जनमानस विधर्मी हो रहा है। शिर्डी साई ट्र्स्ट की ओर से दिए गए साक्ष्य भी उन्हें मोमिन साबित करते हैं।

मंदिरों से साईं की प्रतिमा को हटाने के लिए हिंदुओं को जागरूक करने में जुटे शंकराचार्य ने सनातन पद्धति से साईं की पूजा किए जाने और हिंदूओं के देवी देवताओं की तरह साईं के चित्रों का प्रकाशन बंद करने को कहा। इसी तरह साईं मंदिर ट्रस्ट को मिली धनराशि लातूर की पेयजल समस्या दूर करने में खर्च की जानी चाहिए।

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sankracharya said that, Tajmahal is a lord shiva temple

शंकराचार्य ने समान सिविल कोड लागू करने की तो बात कही लेकिन उन्होंने हिंदुओं को अधिक बच्चे पैदा करने की सलाह देने की बात को बेमानी बताया। कहा, आबादी नियंत्रण जरूरी है और यह सभी का दायित्व है फिर चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का हो।

वहीं निर्मल गंगा मुद्दे को विस्तार देते हुए उन्होंने यमुना को भी अविरल निर्मल किए जाने की मांग की। नमामि गंगे की सफलता के लिए जरूरी है कि यमुना भी अविरल-निर्मल हो। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि तटों से पहले जल की निर्मलता जरूरी है।

बातचीत के दौरान शंकराचार्य के निजी सचिव व चारधाम यात्रा समिति के उपाध्यक्ष स्वामी सुबुधानंद ब्रह्मचारी, प्रवक्ता स्वामी रामानंद ब्रह्मचारी, मनकामेश्वर मंदिर के व्यवस्थापक श्रीधरानंद ब्रह्मचारी, स्वामी ध्यानानंद ब्रह्मचारी, स्वामी बह्मविद्यानंद ब्रह्मचारी, अरविंद मिश्रा आदि मौजूद थे।

नासिक के लिए न्योता
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने अखाड़ा परिषद की ओर से शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को नासिक कुंभ का न्योता दिया। साथ ही कुंभ की सफलता के लिए आशीष भी मांगा।

मनकामेशवर मंदिर में चर्चा के दौरान महंत नरेंद्र गिरि ने शंकराचार्य जी को साईं मुद्दे पर जारी निर्देशों के अनुपालन के आश्वासन सहित नासिक कुंभ की तैयारियों की भी जानकारी दी।

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