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सीबीआई करेगी संकल्प आनंद आत्महत्या प्रकरण की जांच

Mon, 22 Dec 2014 12:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मथुरा
ब्यूरो/अमर उजाला, मथुरा Updated Mon, 22 Dec 2014 12:43 AM IST
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sankalp anand suicide.

प्रख्यात गीतकार संतोष आनंद के इकलौते पुत्र संकल्प आनंद और उनकी पत्नी नरेश नंदिनी आनंद के आत्महत्या मामले में सीबीआई जांच का रास्ता साफ हो गया है। घटना के 65 दिन बाद राज्य सरकार ने गृह मंत्रालय को मामले की सीबीआई जांच कराने के लिए पत्र लिखा है।

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संकल्प आनंद दिल्ली के रोहिणी स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण अपराध विधि विज्ञान शास्त्र संस्थान में प्रोफेसर थे। उनकी कार से मिले 11 पेज के सुइसाइड नोट में यूपी पुलिस के डीजी आवास निगम कमलेंद्र प्रसाद और डीआईजी संदीप मित्तल सहित कुल 38 लोगों पर 250 करोड़ के घोटाले में फंसाने का आरोप था। इस मामले में 19 अक्तूबर की रात डीजी कमलेंद्र और डीआईजी संदीप मित्तल सहित सभी 38 लोगों के खिलाफ कोसीकलां थाने में आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
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रिपोर्ट दर्ज होने के दो दिन बाद ही पुलिस ने इसकी जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने को राज्य सरकार को पत्र लिखा था। पुलिस मुख्यालय से एसएसपी मथुरा को अवगत कराया है कि राज्य सरकार की ओर से संकल्प आनंद दंपति सुइसाइड केस की जांच सीबीआई से कराने के लिए मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स को पत्र लिखा गया है।
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मथुरा के एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि संकल्प आनंद दंपति सुइसाइड केस में राज्य सरकार की ओर से मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स के लिए पत्र लिखा गया है। इसमें जांच सीबीआई से कराए जाने के लिए कहा गया है। इस संबंध में पीएचक्यू ने पत्र भेजकर अवगत कराया है।

संकल्प की नौकरी वाले संस्थान के डायरेक्टर से की पूछताछ
मथुरा की क्राइम ब्रांच की टीम ने दिल्ली में संकल्प आनंद के नौकरी वाले संस्थान दिल्ली के रोहिणी स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण अपराध विधि विज्ञान शास्त्र के डायरेक्टर रीमा मित्रा से मुलाकात की। टीम ने अब तक जुटाई गई जानकारी के आधार पर उनसे 40 से अधिक सवालों के जवाब मांगे हैं। इसमें सभी सवालों के जवाब डायरेक्टर की ओर से देने के लिए समय मांग लिया गया। टीम ने संकल्प के पिता से भी मुलाकात की।


टीम के सदस्यों ने चार घंटे संकल्प के घर पर बिताए। बताया कि संतोष आनंद को बेटे के गम में फालिस ने घेर लिया है। जब तक टीम वहां रही पूरे समय वे पुत्र और पुत्रवधू की याद कर रोते रहे। टीम के सदस्यों ने बताया कि वे पूछताछ में ज्यादा कुछ बताने लायक नहीं हैं। कहा कि जो संकल्प ने सुइसाइड नोट में लिखा है बस उसी पर सलीके से जांच हो जाए और जो दोषी हो उसे दंड मिल जाए।

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