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मोदी के खिलाफ संजीव भट्ट की पत्नी चुनावी मैदान में
अहमदाबाद/समीर शर्मा
Updated Fri, 30 Nov 2012 11:23 PM IST
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गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट के बीच चल रहे संघर्ष की अगली लड़ाई अब चुनावी मैदान में होगी। कांग्रेस ने संजीव भट्ट की पत्नी श्वेता भट्ट को मोदी के सामने उतारा है। संजीव भट्ट ने मोदी पर गुजरात दंगों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। मोदी की विधानसभा सीट मणिनगर से श्वेता ने कांग्रेस की ओर से नामांकन भरा है।
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मणिनगर सीट पर अब चुनावी लड़ाई कुछ रोचक होने की उम्मीद है। हालांकि इस सीट पर पिछली बार मोदी 75 हजार वोट से जीते थे। श्वेता के चुनावी मैदान में आने से भाजपा के अलावा आम आदमी का मत है कि मोदी की यह सीट सुरक्षित रहेगी, लेकिन पिछली बार की तुलना में उनकी जीत के वोटों में कुछ अंतर आ सकता है। श्वेता ने अपना नामांकन पत्र भरते वक्त कहा कि मेरा संघर्ष लोकतंत्र को स्थापित करना है। इस अभियान में मेरा समर्थन करें। भले ही यह मुकाबला बराबरी का नहीं है, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि लोग सच्चाई का साथ देंगे। मैं उनसे झूठे वादे नहीं करूंगी।
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भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने इस बारे में कहा कि संजीव भट्ट के आरोपों के पीछे कांग्रेस का हाथ खुलकर सामने आ गया है। पिछले 10 साल से संजीव भट्ट जो भी कुछ कह रहे थे, उसकी सारी स्क्रिप्ट कांग्रेस ही तैयार कर रही थी। कांग्रेस, भट्ट की जीत के लाख दावे कर रही है, लेकिन जनता को शक है कि वह इस सीट पर वह विजयी हो पाएंगी। गुजरात चुनाव में कांग्रेस का श्वेता भट्ट को उम्मीदवार बनाना चौंकाने वाली घटना जरूर है, लेकिन भाजपा को इससे कोई बड़ा नुकसान होता नहीं दिख रहा। पिछली बार इस विधानसभा सीट से मोदी के सामने केंद्रीय मंत्री दिनशा पटेल को कांग्रेस ने उतारा था, जिन्हें भारी मतों से हार झेलनी पड़ी थी।
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मोदी से मिले नरहरी, भाजपा में शामिल होने की अटकलें
टिकट नहीं मिलने से नाराज वरिष्ठ कांग्रेस नेता नरहरी अमीन की मोदी से मुलाकात को प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं। अमीन को टिकट नहीं दिए जाने से कांग्रेस में असंतोष बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है। उनके समर्थक भी पार्टी से नाराज चल रहे हैं। वह गांधीनगर उत्तर से टिकट की दावेदारी पेश कर रहे थे। हालांकि अमीन ने कहा है कि उन्होंने अब तक कोई निर्णय नहीं किया है। कांग्रेस ने उनकी जगह कलोल सीट से विधायक सुरेश पटेल को टिकट दिया है। उनके खिलाफ भाजपा ने इस सीट से अशोक पटेल को उतारा है।
केशुभाई की जीत पक्की
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा से अलग होकर अपनी गुजरात परिवर्तन पार्टी बनाकर जूनागढ़ जिले के वीसावदर से चुनावी मैदान में उतरे केशुभाई पटेल के सामने कांग्रेस ने कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया है। कांग्रेस ने पूर्व में रतिलाल मांगरोलिया को टिकट दिया था, लेकिन नाटकीय तरीके से घटी घटना के कारण वह नामांकन दाखिल नहीं कर पाए। करीब एक सप्ताह पूर्व एक नाबालिग लड़का उनका नामांकन पत्र छीनकर भाग गया था। इस घटना के बाद उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, लेकिन नामांकन पत्र दाखिल न किए जाने के कारण वह चुनाव लड़ने से चूक गए। यहां भाजपा ने कनु भलाल को उतारा है, लेकिन केशुभाई के सामने उनके जीतने की उम्मीद न के बराबर है।