कांग्रेस नेता ने संजय दत्त की बहन को दिखाया 'बाहर का रास्ता'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरूपम ने सुनील दत्त की राजनीतिक दुश्मनी का बदला उनकी बेटी पूर्व सांसद प्रिया दत्त से लिया है। इसके अलावा मुंबई के प्रमुख उत्तर भारतीय कांग्रेस नेता कृपाशंकर सिंह सहित देवड़ा गुट और पूर्व सांसद एकनाथ गायकवाड़ जैसे अपने राजनीतिक विरोधियों को मुंबई कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी से बाहर कर दिया।
संजय निरूपम ने 2005 में सुनील दत्त के खिलाफ शिवसेना के टिकट से उत्तर-पश्चिम मुंबई से चुनाव लड़ा था। हालांकि उसके बाद निरूपम कांग्रेसी हो गए, लेकिन दत्त परिवार के साथ राजनीतिक विरोध बरकरार है।
पिछले लोकसभा चुनाव में संजय निरूपम के सर्वाधिक मतों से हारने के बावजूद पार्टी आलाकमान ने उन्हें मुंबई कांग्रेस की कमान सौंपी हैं। उनकी 120 सदस्यों की नई कार्यकारिणी घोषित होते ही पार्टी में गुटबाजी तेज हो गई है। इससे जनाधार वापस लाने और पार्टी के अंदर से गुटबाजी खत्म करने की पार्टी आलाकमान की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
प्रिया दत्त खासी नाराज
निरूपम ने गुरुदास कामत से हाथ मिलाकर अपने राजनीतिक विरोधियों को कार्यकारिणी से दरकिनार कर दिया। वहीं, पूर्व विधायक कृष्णा हेगड़े को कार्यकारिणी में शामिल नहीं किए जाने से प्रिया दत्त खासी नाराज हैं। मुंबई कांग्रेस की कार्यकारिणी में सभी पूर्व विधायकों को आमंत्रित सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है, लेकिन मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता रहे हेगड़े को बाहर रखा गया।
जहां एक ओर प्रिया दत्त की उपेक्षा की गई हैं, वहीं कृपा शंकर सिंह के समर्थक विजय सिंह, ब्रायन मिरिंडा सहित कई लोगों को महत्वपूर्ण पदों से हटा दिया गया। सोनिया गांधी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में जितेंद्र प्रसाद का साथ देने वाले रत्नेश सिंह पार्टी में बहुत दिनों से निष्क्रिय थे, लेकिन निरूपम ने उनको महासचिव बनाकर कृपाशंकर सिंह को घेरने की कोशिश की है।