{"_id":"9f6fbf94-22aa-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"sangma-s-plea-should-be-quashed-says-president","type":"story","status":"publish","title_hn":"संगमा की याचिका खारिज की जाए: राष्ट्रपति ","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
संगमा की याचिका खारिज की जाए: राष्ट्रपति
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Oct 2012 09:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सुप्रीम कोर्ट से लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष पीए संगमा की ओर से दायर राष्ट्रपति पद पर उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज करने की मांग की है। उन्होंने याचिका में दिए गए आधारों को बेवजह करार दिया है। राष्ट्रपति पद के लिए 19 जुलाई को हुए चुनाव में मुखर्जी ने संगमा को पराजित किया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में संगमा की ओर से याचिका दायर की गई, जिसमें कहा गया कि राष्ट्रपति पद के चुनाव के नामांकन दाखिल करते समय मुखर्जी लाभ के पद पर आसीन थे।
विज्ञापन
राष्ट्रपति की ओर से यह जवाब पारिख लॉ कंपनी की ओर से दायर किया गया है। इसमें आरोपों को नकारते हुए याचिका तत्काल खारिज करने की मांग की गई है। याद रहे कि संगमा ने याचिका में दावा किया है कि मुखर्जी भारतीय सांख्यिकी संस्थान के अध्यक्ष पद पर आसीन थे। इसलिए उनका पर्चा खारिज किया जाना चाहिए। इसके अलावा यह भी आरोप लगाया गया था कि मुखर्जी ने इस पद से इस्तीफे के लिए, जो पत्र लिखा था उसमें मुखर्जी के हस्ताक्षर असली नहीं थे।
विज्ञापन
हालांकि निर्वाचन अधिकारी की ओर से भाजपा व अन्य दलों के इन आरोपों को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद में यह मसला निर्वाचन आयोग भी पहुंचा था, लेकिन वहां भी कहा गया कि यदि कोई शिकायत हो तो निर्वाचन के पश्चात सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर करना ही उचित होगा।
विज्ञापन
संगमा की याचिका में दी गयी दलीलों को गलत करार देते हुए मुखर्जी ने कहा है कि ये आरोप तब लगाए गए, जबकि राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया संपन्न हो गई। ऐसे में याचिका खारिज की जानी चाहिए। संगमा की याचिका पर चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर के नेतृत्व वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ एक नवंबर को सुनवाई करेगी। याचिका में मुखर्जी के निर्वाचन को निरस्त करने की मांग की गई है। संगमा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी और सत्यपाल जैन पेश होंगे।