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बीजेपी की सरकार बनते ही संघ ने खाई पलटी

Mon, 08 Sep 2014 02:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 08 Sep 2014 02:05 PM IST
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कभी आरक्षण की मुखालफत करने और जाति के बदले आर्थिक आधार पर आरक्षण की वकालत करने वाला राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अब आरक्षण के समर्थन में खड़ा हो गया है।

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संघ प्रमुख मोहन भागवत ने समाज से असमानता दूर करने के लिए आरक्षण को जरूरी करार दिया है।

राजधानी में एक पुस्तक विमोचन समारोह में उन्होंने आरक्षण की खुल कर वकालत करते हुए कहा कि जब तक समाज में असमानता व्याप्त है और जब तक लोग गैर बराबरी का सामना करते रहेंगे, तब तक आरक्षण बेहद जरूरी है।
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हालांकि इस दौरान भागवत ने आरक्षण पर राजनीति और आरक्षण में कोटा की तीखी आलोचना की।

उल्लेखनीय है कि खुद भागवत ने जहां चार साल पहले जाति के बदले आर्थिक आधार पर आरक्षण की वकालत की थी, वहीं एक अन्य संघ प्रमुख के. सुदर्शन ने तो आरक्षण को देश को बर्बाद करने वाला तक करार दिया था।
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पैठ बढ़ाने के लिए बदला स्टैंड

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आरक्षण के संदर्भ में संघ के रुख में आए इस बदलाव को उसकी सभी वर्गों में पैठ बनाने की योजना के रूप में देखा जा रहा है।

संघ प्रमुख ने समाज के वंचित वर्ग की ओर इशारा करते हुए कहा कि इन लोगों ने 1000 सालों से देश के लाभ के लिए अन्याय सहा।

स्वतंत्रता मिलने के बाद हालांकि अन्याय की वजहें खत्म हुई हैं, मगर अब हमारी जिम्मेदारी बनती है कि इन्हें समाज और देश में बराबरी का हक मिले।

संघ प्रमुख ने कहा कि विकास की अपेक्षा रखने वाला समाज लंबे समय तक यह नहीं होने दे सकता और आजादी के बाद समानता पाने का उद्देश्य पूरा होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय कहते थे कि सभी को बराबरी में लाना है तो ऊपर के लोगों को झुककर अपने हाथ वंचित लोगों तक बढ़ाने चाहिए।

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