अब संघ में भी लागू होगा 'बीजेपी फॉर्मूला'
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भाजपा के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष नेतृत्व में बड़ा फेरबदल हो सकता है। युवा नेतृत्व को तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए सर संघचालक के बाद दूसरे सबसे शक्तिशाली सर कार्यवाह पद पर विराजमान सुरेश राव जोशी उर्फ भैयाजी जोशी को हटाकर दत्तात्रेय होसबोले को लाने की तैयारी शुरू हो गई है।
यह फेरबदल मार्च 2015 में संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में हो सकता है।
संघ में युवा नेतृत्व को आगे लाने की कवायद 2009 में तब शुरू हुई थी जब तत्कालीन सर संघचालक केएस सुदर्शन ने पदत्याग करके तत्कालीन सर कार्यवाह मोहन भागवत को संघ प्रमुख नियुक्त किया था।
साथ ही संघ की प्रतिनिधि सभा ने तत्कालीन सर कार्यवाह मदन दास देवी की जगह सुरेश राव उर्फ भैया जी जोशी को सर कार्यवाह चुना था। 1950 में जन्मे मोहन भागवत 1947 में पैदा हुए भैया जी जोशी से उम्र में तीन साल छोटे हैं। जबकि होसबोले अपेक्षाकृत युवा हैं।
संघ के बेहद भरोसेमंद सूत्र का कहना है कि 67 साल के जोशी की अपेक्षा 50 पार कर चुके युवा होसबोले को लाकर संघ अपने भविष्य के शीर्ष नेतृत्व के सवाल को भी हल करना चाहता है।
अगले साल मार्च में हो सकता है ऐलान
संघ की पद्धति के अनुसार सर संघचालक पद पर अपने उत्तराधिकारी के चयन का अधिकार संघ प्रमुख को है। जबकि अन्य शीर्ष पदों सर कार्यवाह और तीन सह सर कार्यवाह का चुनाव तीन साल के लिए प्रतिनिधि सभा करती है। इसमें देशभर के संघ के क्षेत्रीय प्रतिनिधि सदस्य शामिल होते हैं।
आम तौर पर यह चुनाव हर तीन वर्ष बाद मार्च के महीने में संघ मुख्यालय नागपुर में प्रतिनिधि सभा की बैठक में होता है। होसबोले इस समय सह सर कार्यवाह पद पर हैं। 2012 में भी जोशी की जगह होसबोले को सर कार्यवाह बनाने की बात चली थी लेकिन तब प्रतिनिधि सभा ने जोशी को एक कार्यकाल और दे दिया था।
दो कार्यकाल पूरे कर चुके जोशी को हटाकर अब संघ मार्च 2015 में होसबोले को लाने की तैयारी कर रहा है। जोशी को संघ में अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
प्रचारक प्रमुख के पद को भी संघ में बेहद महत्वपूर्ण और आदरणीय माना जाता है। संघ के सभी पूर्णकालिक प्रचारक और कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर संवाद बनाए रखते हुए उन्हें दिशा देने का काम प्रचारक प्रमुख का ही है।