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आडवाणी का साथ देने वाले भाजपा नेताओं पर चला संघ का डंडा

Sat, 22 Mar 2014 09:17 AM IST
Updated Sat, 22 Mar 2014 09:17 AM IST
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Sangh's warning changed view of BJP leaders in MP

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को भोपाल से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव देने वाले मध्य प्रदेश भाजपा के नेताओं और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को संघ के वरिष्ठ नेताओं ने हिदायत दी है कि पार्टी के फैसलों को हाईजैक करने की कोशिश न करें।

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संघ की हिदायत के बाद भाजपा नेताओं के सुर बदल गए हैं। आडवाणी को भोपाल से चुनाव लड़ने का न्योता देने वाले कैलाश जोशी ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी ही फैसला करेगी कि भोपाल से चुनाव कौन लड़ेगा। वहीं बाबूलाल गौर भी चुनाव समिति की ओर से फैसला किए जाने की बात करने लगे हैं।
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वहीं, उमा भारती ने भी अपने भोपाल से चुनाव लड़ने की खबरों का खंडन किया है। सूत्रों का कहना है कि भोपाल सीट को लेकर जिस तरह से लालकृष्ण आडवाणी को न्योता दिया गया और पूरा ड्रामा चला, वह संघ के वरिष्ठ नेताओं को नागवार गुजरा है।
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ऐसी खबरें हैं कि जब नरेंद्र मोदी ने मोहन भागवत से बात की थी, तभी यह जता दिया था कि शिवराज खेमा आडवाणी को शह दे रहा है। कैलाश जोशी भी इस पूरे विवाद में फंस गए हैं।

पहले भी मोदी को किया था नजर अंदाज

Sangh's warning changed view of BJP leaders in MP

लालकृष्ण आडवाणी ने मई 2013 में ग्वालियर में कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में शिवराज सिंह चौहान की तारीफ करते हुए कहा था कि गुजरात के विकास से भी ज्यादा महत्वपूर्ण उपलब्धि मध्य प्रदेश के विकास की है क्योंकि गुजरात पहले से ही विकसित राज्य था, किंतु मध्य प्रदेश बीमारू राज्य था, जिसे शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने विकसित राज्य बना दिया है।

शिवराज सिंह चौहान की इस तारीफ से यह संदेश गया था कि आडवाणी उन्हें मोदी के बरअक्स एक विकल्प के तौर पर उभारना चाहते हैं।

आडवाणी कैंप की समर्थक सुषमा स्वराज पहले ही विदिशा से सांसद हैं। विधानसभा चुनावों के दौरान जनआशीर्वाद यात्रा में मोदी के पोस्टर नहीं लगाए गए थे।

और भी सीटों को लेकर है टकराव

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अंत में नरेंद्र मोदी ने साढ़े तीन दिनों में 14 सभाएं की थीं। मुस्लिम मतों को ध्यान में रखकर मोदी को कैंपेन से यथासंभव दूर रखने के प्रयास किए गए थे। मुख्यमंत्री निवास पर शुक्रवार को रंगपंचमी के मौके पर दिनभर बैठकें चलीं। इन बैठकों में मुख्यमंत्री के अलावा प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्रसिंह तोमर और अरविंद मेनन ने हिस्सा लिया।

माना जा रहा है कि यह बैठक राज्य में भोपाल सहित चार लोकसभा सीटों के उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए की गई हैं। चार सीटों में भोपाल के अलावा मंदसौर सीट पर भी विवाद छिड़ा है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता लक्ष्मीनारायण पांडे ने मंदसौर से टिकट की मांग को लेकर खम ठोक रहे हैं। उनके कुछ समर्थक तो धरने पर भी बैठ गए हैं। कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन ने पिछले चुनाव में लक्ष्मीनारायण पांडे को हरा दिया था।

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