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संघ को लेकर इरफान के बयान पर संघ नेता का पलटवार

Tue, 03 Nov 2015 04:07 AM IST
Updated Tue, 03 Nov 2015 04:07 AM IST
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Sangh leader reacts on Irfan Habib's statement on RSS.

देश में बढ़ती असहिष्णुता के खिलाफ सोमवार को दिल्ली में लेखकों एवं कलाकारों के एक कार्यक्रम में बुद्घि के स्तर पर आरएसएस और आईएसआईएस को एक जैसा बताने वाले बयान पर प्रसिद्ध इतिहासकार इरफान हबीब आज भी कायम हैं।

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उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि इतिहास के विषय में जहालत (अज्ञानता) के स्तर पर दोनों में कोई बुनियादी फर्क नहीं। दोनों ही अपने मुताबिक इतिहास को गढ़ना चाहते हैं।
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वैसे, हबीब के बयान को आरएसएस के पूर्व महानगर संघ चालक बनवारी लाल पाठक ने गैर जरूरी बताया है । उन्होंने कहा कि दोनों की तुलना करना पूर्वाग्रह से ग्रस्त मानसिकता के अलावा कुछ नहीं।
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प्रख्यात इतिहासकार इरफान हबीब ने कही ये बातें

Sangh leader reacts on Irfan Habib's statement on RSS.

मैंने दिल्ली में बयान नहीं बल्कि पूरा लेक्चर दिया था। भारत के इतिहास को आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) जैसा बता रहा है, उसे माना जाए तो वह अत्याधिक भयानक होगा। वह कहते हैं कि हमें सब आता था और हम सब भूल गए।

उन्होंने दिल्ली में दिए अपने बयान के संदर्भ में कहा कि इतिहास के विषय में जहालत की जैसी बातें की जा रही हैं, उस आधार पर आरएसएस और आईएसआईएस में कोई अंतर नहीं है। दोनों अपने अनुसार इतिहास की व्याख्या कर रहे हैं और उसे लोगों से मनवाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च में आरएसएस के लोगों  को भर दिया गया है। यही हाल एनबीटी (नेशनल बुक ट्रस्ट) का है।

हबीब को बनवारी लाल पाठक (पूर्व महानगर संघ चालक) का जवाब

Sangh leader reacts on Irfan Habib's statement on RSS.

हबीब साहब ने जो तुलना की है वह ठीक नहीं। आईएसआईएस कत्ले आम मचाता है। उसका वीडियो बना कर दुनिया को दिखाता है।

उसका मकसद आतंक के आधार पर साम्राज्य का विस्तार है। जबकि हमारी तो प्रार्थना ही मातृभूमि की वंदना से शुरू होती है। इसमें संस्कृति है। सृजन है।

हम एक अनुशासित और नियमों से बंधे संगठन हैं। इसके मूल में आध्यात्मिकता है। हमारी तुलना आईएसआईएस से करना आधारहीन है। लगता है संगठनों को ठीक से समझा नहीं गया है।

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