संगीत सोम ने किया सरेंडर, कहा साजिश के तहत बनाए MMS
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सरधना के भाजपा विधायक संगीत सोम ने कहा कि एक साजिश के तहत एमएमएस बना कर उन्हें वायरल किया जा रहा है। सूबे की सरकार धर्म और जाति के आधार पर अपराधियों पर कार्रवाई कर रही है, जिससे प्रदेश में शांति नहीं रहेगी।
मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर करने से पहले कचहरी में पत्रकारों से वार्ता करते हुए विधायक सोम ने कहा कि प्रदेश की अखिलेश सरकार तुष्टिकरण कर राजनीति के बंटवारे का फायदा उठाना चाह रही है, मगर भाजपा ऐसा नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि बिसाहड़ा में एक हत्या हुई, जो बड़ा जुर्म है। अपराधी को सजा मिलनी चाहिए
सरकार ने मृतक के परिजनों को 45-50 लाख रुपये और फ्लैट दिए, जबकि अन्य दूसरी हत्या की घटना में लोग जाम लगा कर धरना प्रदर्शन करते हैं तो सरकार उल्टे उन पर मुकदमा दर्ज करा देती है।
इससे साफ जाहिर है कि सरकार तुष्टिकरण कर राजनीति का बंटवारा कर इसका फायदा हासिल करना चाहती है, मगर भाजपा प्रदेश में सपा सरकार को फायदा उठाने नहीं देगी।
युवतियों के एमएमएस बनाकर वायरल किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सब साजिश के तहत हो रहा है। ऐसा करने वालों की मानसिकता सही नहीं है। इनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
अपराधी चाहे किसी भी धर्म या जाति को हो, उसे सजा मिलनी चाहिए। मगर सूबे की सपा सरकार अपराधी की जाति और धर्म के आधार पर कार्रवाई कर रही है, जो ठीक नहीं है, यदि ऐसा होता रहेगा तो प्रदेश में शांति नहीं रहेगी।
संगीत सोम का कोर्ट में सरेंडर
ढाई साल पहले कवाल कांड को लेकर नंगला मंदौड़ में हुई पंचायत में भड़काऊ भाषण देने के मामले के आरोपी सरधना के भाजपा विधायक संगीत सोम ने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर किया।
एसीजेएम द्वितीय सीताराम की कोर्ट में विधायक ने 20 हजार का मुचलका और जमानत दाखिल कराई, इसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। इस मामले में कोर्ट ने अगली तारीख 23 जनवरी को तय की है।
करीब ढाई वर्ष पहले सात सितंबर 2013 को कवाल कांड को लेकर नंगला मंदौड़ में महापंचायत हुई थी। जिसमें शामिल होने पर सिखेड़ा पुलिस ने भाजपा विधायक संगीत सोम के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया था।
पुलिस की चार्जशीट के बाद यह मामला एसीजेएम द्वितीय सीताराम की कोर्ट में ट्रायल पर है। न्यायालय में पेश नहीं होने पर कोर्ट की ओर से तीन बार विधायक सोम के खिलाफ जमानती वारंट जारी हुए थे।
मंगलवार को सरधना के भाजपा विधायक संगीत सोम ने एसीजेएम-2 सीताराम की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उनके अधिवक्ताओं अनिल जिंदल और ठाकुर कंवरपाल सिंह ने कोर्ट में विधायक की ओर से 20 हजार का मुचलका और जमानत दाखिल कराई। विधायक करीब 15 मिनट कोर्ट में रहे। इस दौरान कचहरी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
वहीं इसी मामले में साध्वी को भी नामजद किया गया था, उनके भी तीन बार जमानती वारंट जारी हो चुके हैं, लेकिन उन्होंने सरेंडर नहीं किया, जबकि नंगला मंदौड़ की पंचायतों में आरोपी बनाए गए केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान, विधायक सुरेश राणा के अलावा भाजपा नेता उमेश मलिक, पूर्व प्रमुख वीरेंद्र सिंह, भैंसी के पूर्व प्रधान जयप्रकाश शास्त्री, मंसूरपुर गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन श्यामपाल सिंह और राजेश्वर आर्य ने गत 18 दिसंबर को कोर्ट में सरेंडर किया था।
पंचायत का यह था मामला
जनपद में ढाई साल पहले 26 अगस्त 2013 को कवाल कांड हुआ था। जिसमें कवाल के शाहनवाज और मलिकपुरा के ममेरे भाइयों गौरव व सचिन की हत्या हुई थी। कवाल कांड को लेकर 30 अगस्त को मुस्लिमों ने मीनाक्षी चौक पर शक्ति प्रदर्शन किया था।
तत्कालीन डीएम और एसएसपी ने उनके बीच पहुंच कर ज्ञापन लिया था। जिसकी प्रतिक्रिया में हिंदू संगठनों ने 31 अगस्त को नंगला मंदौड़ में प्रशासन की पाबंदी के बावजूद पंचायत की थी। इसके बाद सात सितंबर को फिर से नंगला मंदौड़ में ही पंचायत हुई थी। इस पंचायत से लौटते हुए लोगों पर कातिलाना हमले हुए, इसके बाद जिले में दंगा भड़क गया था।
सिखेड़ा पुलिस ने दोनों पंचायतों के संबंध में तीन मुकदमे दर्ज किए थे, जिनमें मंत्री डॉ संजीव बालियान, भाजपा सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह, भाजपा विधायक सुरेश राणा, संगीत सोम, विहिप नेत्री साध्वी प्राची समेत 18 लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे। तीनों ही मुकदमे एसीजेएम द्वितीय सीताराम की कोर्ट में चल रहे है। भाजपा सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह नवंबर माह में कोर्ट में पेश हो गए थे।