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तनाव के बीच चीन जाएंगे भारतीय विदेश मंत्री
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 25 Apr 2013 06:43 PM IST
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लद्दाख में चीनी सेना की घुसपैठ से बढ़े तनाव के बीच भारतीय विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद नौ मई को चीन जाएंगे।
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इस यात्रा के दौरान सीमा पर सामान्य स्थिति कायम रखने के बारे में दोनों देश के बीच विशेष रूप से चर्चा होगी।
खुर्शीद का कहना है हमने चीन के सामने अपना विरोध जता दिया है।
समाधान की उम्मीद
खुर्शीद ने बताया कि समाधान निकालने के मौजूदा तंत्रों से मसले का हल निकलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सीमा पर इस तरह की घटनाओं के हल के लिए एक प्रक्रिया कायम है। इसके तहत मुद्दों का पहले भी समाधान होता रहा है, इस बार भी ऐसा हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध अब परिपक्व हो गए हैं, और दोनों अपने राष्ट्रीय हितों के अनुरूप इन्हें मजबूत बना रहे हैं।
उद्योग व्यापार संस्था फिक्की के एक कार्यक्रम में भारत-चीन संबंधों पर विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा का सीमांकन नहीं होने के कारण दोनों देश सीमा क्षेत्र के बारे में अलग-अलग राय रखते है।
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इसी वजह से ऐसी समस्याएं पैदा होती है। उन्होंने कहा असहमति का अर्थ विश्वासघात नहीं होता और छोटी-छोटी घटनाओं से लंबे समय में निर्मित भारत-चीन संबंध टूट नहीं सकते।
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मुकाबले को तैयार भारत
इसी बीच भारत अपने इस रुख पर कायम है कि चीनी सेना को डीबीओ से हटकर घुसपैठ से पहले वाली स्थिति में आना होगा।
बुधवार को सेना ने चीनी घुसपैठ से निपटने के लिए विभिन्न सैन्य विकल्पों को लेकर भी सरकार को अवगत कराया। इसमें सेना को आक्रामक तरीके से इस्तेमाल करने का विकल्प भी शामिल है।
सेना ने यह सुझाव राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के नेतृत्व वाले चाइना स्टडी ग्रुप को दिए हैं। रक्षा, गृह और विदेश सचिवों की सदस्यता वाला यह समूह पीएमओ के संपर्क में भी है।
वहीं, बीजिंग में चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनिंग ने कहा कि चीन ने भारतीय सीमा में कोई घुसपैठ नहीं की है।
हटने को तैयार नहीं चीन
भारत की सीमा में दस किमी अंदर घुसकर चौकी स्थापित कर चुके चीन ने पीछे हटने से साफ इंकार कर दिया है।
उलटे उसने आरोप लगाया कि भारत पिछले कुछ हफ्तों से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर एग्रेसिव पेट्रोलिंग यानी आक्रामक व महत्वाकांक्षी तरीके से गश्त लगा रहा है।
इसके साथ ही चीन ने कहा है कि भारत ने लद्दाख के डेपसांग, डेमचक और दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) में कई निर्माण किए हैं।