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दुआ-सलाम और होगी दावत मगर नहीं होगी बात
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 08 Mar 2013 12:03 AM IST
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अजमेर शरीफ की जियारत के लिए भारत आ रहे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ से दुआ सलाम और दावत तो होगी मगर कोई ठोस बातचीत नहीं होगी।
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मेहमान को वाजिब प्रोटॉकाल देने के अलावा दोनों देशों के बीच संबंधों में आए तनाव को दूर करने की दिशा में कोई आधिकारिक बातचीत नहीं होगी। अशरफ का यह एक दिन का दौरा केवल धार्मिक यात्रा के तौर पर सीमित रखा जाएगा।
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अशरफ शनिवार को इस्लामाबाद से सीधे जयपुर आएंगे। यहां उनकी अगुआई प्रोटोकॉल के तहत विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद करेंगे।
यहां अशरफ के सम्मान में प्रोटोकॉल के तहत विदेशमंत्री खुर्शीद होटल रामबाग पैलेस में उनको दोपहर का भोज देंगे। इसके बाद अशरफ सीधे अजमेर जाएंगे।
यहां दरगाह शरीफ पर जियारत कर अशरफ फिर शाम को जयपुर लौटेंगे। फिर उसी दिन शाम को वह सीधे इस्लामाबाद लौट जाएंगे। इस यात्रा के दौरान वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत किसी भी राजनीतिक हस्ती से नहीं मिलेंगे।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अशरफ की यह निजी यात्रा धार्मिक उद्देश्य के लिए है और वे अपने परिवार तथा नातेदारों के साथ आ रहे हैं। इसलिए किसी राजनयिक मुलाकात या बैठक को यात्रा में शामिल नहीं किया गया है।
इससे पहले पिछले साल अप्रैल में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी भी अजमेर शरीफ में जियारत करने आए थे। तब उस समय वह बाकायदा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत तमाम राजनीतिक हस्तियों से रूबरू हुए थे।
अशरफ को देश के शिखर नेतृत्व से मिलने या बातचीत करने का मौका नहीं देने की वजह दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव को सबसे अहम कारण माना जा रहा है।
इसके अलावा पाकिस्तान में अगले तीन महीने में चुनाव होने हैं जिसमें अशरफ का राजनीतिक भविष्य भी बहुत साफ नजर नहीं आ रहा है।