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नए इरादों के साथ चीन पहुंचे सलमान खुर्शीद
नई दिल्ली/बीजिंग/एजेंसी
Updated Thu, 09 May 2013 08:05 PM IST
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भारत के विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद आपसी संबंधों को नई ताजगी देने के इरादे से बृहस्पतिवार को चीन की दो दिवसीय यात्रा पर बीजिंग पहुंचे।
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लद्दाख से लगी सीमा में चीनी सैनिकों की घुसपैठ का मामला हाल ही में सुलझने के बाद उनकी बीजिंग यात्रा कई मायनों में खास मानी जा रही है। खुर्शीद यहां अपने चीनी समकक्ष वांग यी समेत कई नेताओं से मुलाकात करेंगे।
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यात्रा शुरू करने से पहले उन्होंने दिल्ली में बुधवार को चीनी मीडिया से बातचीत में लद्दाख मामले का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों पक्षों ने इस मामले में जिस तरह की परिपक्वता और समझदारी दिखाई उससे वह संतुष्ट हैं।
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बकौल खुर्शीद, इन विवादों को एक अनुपातिक, तात्कालिक और स्थानीय स्तर पर रोकने के लिए दोनों पक्षों में बुनियादी समझदारी जरूरी है। वास्तव में कई वर्षों के दौरान हमले इसे विकसित किया है, जो काफी बेहतरीन है।
खुर्शीद ने इस यात्रा को अपने लिए बेहतरीन अवसर करार देते हुए नए चीनी नेतृत्व के साथ दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होने की आशा जताई। नए चीनी नेतृत्व की ओर से जो शुरूआती संकेत आ रहे हैं वह सकारात्मक हैं।
खुर्शीद की यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब हाल ही में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने लद्दाख की दौलत बेग ओल्डी के पास भारतीय सीमा में 19 किलोमीटर तक घुसपैठ करके कब्जा कर लिया था।
हालांकि कई दौर की वार्ता के बाद रविवार को यह मसला हल हो गया और चीनी सेना वापस चली गई।
इन लोगों से मुलाकात
यात्रा के दौरान खुर्शीद अपने चीनी समकक्ष वांग यी के अलावा प्रधानमंत्री ली केचियांग, स्टेट काउंसिल यांग जाइची से मुलाकात करेंगे। जाइची को भारत-चीन सीमा वार्ता का प्रतिनिधि बनाए जाने की संभावना है।
इन मसलों पर वार्ता
सीमा विवाद के अलावा के दोनों पक्षों में अन्य मुद्दों पर वार्ता हो सकती है। भारत तेजी से कम होते व्यापार घाटे का मुद्दा उठा सकता है। ली केचियांग की भारत यात्रा की रूपरेखा को भी अंतिम रूप दिया जा सकता है।
चीन का नजरिया
सीमावर्ती इलाकों में शांति बनाए रखने के लिए हम भारतीय पक्ष के साथ काम करना जारी रखना चाहते हैं। ताकि दोनों देशों के संबंधों का स्थायी विकास हो सके।- हुआ चूनयिंग, चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता
भारत का नजरिया
आपसी विवादों को एक अनुपातिक, तात्कालिक और स्थानीय स्तर पर रोकने के लिए दोनों पक्षों में बुनियादी समझदारी जरूरी है। कई वर्षों के दौरान हमने इसे विकसित किया है, जो काफी बेहतरीन है।- सलमान खुर्शीद