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क्या विकलांगों का पैसा खा गए कानून मंत्री सलमान खुर्शीद?

Wed, 10 Oct 2012 11:48 AM IST
कानपुर/ब्यूरो
कानपुर/ब्यूरो Updated Wed, 10 Oct 2012 11:48 AM IST
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salman khurshid alleged to twist money from ngo

फर्रुखाबाद से सांसद एवं देश के कानून मंत्री सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद पर जालसाजी का बड़ा आरोप लगा है। एक न्यूज चैनल के स्टिंग आपरेशन के मुताबिक, कानून मंत्री के ट्रस्ट डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट को साल 2010 और 2011 में 1.39 करोड़ रुपए का सरकारी अनुदान मिला, जिसे फर्जी हस्ताक्षर और मुहर के सहारे हड़प लिया गया है। केंद्र सरकार से मिला यह अनुदान विकलांगों को ट्राई साइकिल, बैसाखी और सुनने की मशीन मुहैया कराने के लिए था।

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इस मसले पर कानून मंत्री सहित कांग्रेस का कोई पदाधिकारी सामने नहीं आ रहा है। हालांकि कानून मंत्री ने चिट्ठी लिखकर सफाई दी है। कहा है कि मामले में जांच की मांग उत्तर प्रदेश सरकार से पहले ही कर चुके हैं। वहीं, भाजपा सहित अन्य राजनीतिक दल हमलावर हो गए हैं। उन्होंने ट्रस्ट को काली सूची में डालने की मांग की है।  
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डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट के चेयरमैन सलमान खुर्शीद हैं। उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद ट्रस्ट की प्रोजेक्ट डायरेक्टर हैं। इस ट्रस्ट के माध्यम से यूपी के 17 जिलों में विकलांग कल्याण शिविर आयोजित करने का दावा किया गया। कहा गया कि इन जिलों के विकलांगों को ट्राई साइकिल, बैसाखी और सुनने की मशीन दी गई है। इसी दावे पर फर्रुखाबाद, मैनपुरी, इटावा, बुलंदशहर सहित 13 जिले के कल्याण अधिकारियों ने सवाल उठाए।
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अधिकारियों ने कहा कि विकलांग कल्याण शिविर के नाम पर धांधली की गई है। इटावा, बुलंदशहर के मुख्य चिकित्साधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर के सहारे धनराशि निकाली गई है। विकलांगों को उपकरण नहीं दिए गए हैं। शाहजहांपुर में फर्जी विकास खंड बनाकर लाभार्थी दिखा दिए गए हैं। इलाहाबाद, कन्नौज, मैनपुरी में भीजालसाजी उजागर हुई है।


न्यूज चैनल के स्टिंग ऑपरेशन से पता चला है कि ट्रस्ट ने जिन विकलांगों को उपकरण देने की बात कही है, वास्तव में वह लाभान्वित नहीं हुए हैं। फर्जीवाड़ा करके बजट निकाल लिया गया है। इसके प्रमाण मिल चुके हैं। पूरे मामले की रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को भी भेजी जा चुकी है।

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