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नाथूराम गोडसे पर साक्षी महाराज ने मांगी माफी

Fri, 12 Dec 2014 01:51 PM IST
Updated Fri, 12 Dec 2014 01:51 PM IST
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Sakhshi apologige upon his remark on Godse

नाथूराम गोडसे पर की गई टिप्पणी पर बढ़ते बवाल को देख भाजपा नेता साक्षी महाराज ने आज माफी मांग ली है। साक्षी महाराज की टिप्पणी पर विपक्ष ने शुक्रवार को लोकसभा में खूब हंगामा किया और कहा कि साक्षी महाराज को अपनी टिप्पणी पर मांफी मांगनी पड़ेगी। गौरतलब है कि आज दिन की शुरूआत में ही साक्षी महाराज और उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक के बयानों को लेकर दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई और लोकसभा को 11.25 तक के लिए स्थगित करना पड़ा था।

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अपनी टिप्पणी पर माफी मांगते हुए साक्षी महाराज ने कहा, "मैं बापू का सम्मान करता हूं और संसद का भी। मैं अपने शब्दों को वापस लेता हूं और यदि मेरे कहे से किसी को ठेस पहुंची है तो मुझे उसका पछतावा है। वहीं संसदीय कार्य मंत्री वैंकैया नायडू ने भी कहा कि वो साक्षी महाराज की टिप्पणी की निंदा करते हैं।"
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महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को लेकर महाराष्ट्र में पिछले महीने शौर्य दिवस का आयोजन किया गया था और गुरुवार को साक्षी महाराज ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताकर हंगामा खड़ा कर दिया था। हालांकि साक्षी महाराज जल्द ही अपने पूर्व बयान से पलट गए और उन्होंने कहा कि वो नाथूराम गोडसे को कभी भी राष्ट्रभक्त के तौर पर स्वीकार नहीं कर सकते हैं।
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कांग्रेस सांसद ने उठाया शौर्य दिवस पर एतराज

Sakhshi apologige upon his remark on Godse

गुरुवार को सदन में शून्य काल के दौरान कांग्रेस सांसद हुसैन दलवई ने कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर शौर्य दिवस मनाए जाने के बारे में पूछा है, जिसमें कई धार्मिक नेताओं और पूर्व विधायकों ने शिरकत की थी।

उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र में शौर्य दिवस का आयोजन कर महात्मा गांधी के हत्यारे की प्रशंसा की जा रही है। ये लोग विकास की बात करते हैं, लेकिन ये समाज में दरार डालने की कोशिश कर रहे हैं।" आगरा में हुए धर्म परिवर्तन पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के कामों में दक्षिण पंथी संगठनों का हांथ है और ये ही लोग समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश करते हैं।

गोडसे के मुद्दे पर लामबंद हुआ विपक्ष यह मांग कर रहा है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की तरफ से इस मुद्दे पर अपना रुख साफ करें। वहीं राम मंदिर मुद्दे पर टिप्पणी करने को लेकर बसपा सुप्रीमों मायावती ने भी उत्तर प्रदेश के राज्यपाल रामनाईक की आलोचना की। वहीं संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि अगर नोटिस दिया जाता है तो वो किसी भी मु्द्दे पर चर्चा को तैयार है।

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