तो कांठ की 'आग' बन जाएगी विकराल?
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कांठ के अकबरपुर चैदरी गांव के धर्मस्थल से लाउडस्पीकर उतारे जाने के बाद धधकी बवाल की ‘आग’ विकराल रूप लेने लगी है। महापंचायत रोकने पर हुआ बवाल अभी शांत भी नहीं हुआ था कि साधु परिषद ने शिवरात्रि के दिन अकबरपुर चैदरी गांव के धर्मस्थल पर जलाभिषेक करने का ऐलान कर दिया है।
इस बीच रविवार को पांच सदस्यीय भाजपा विधायक दल ने दौरा कर कांठ मामले में जेल में बंद नेताओं और स्थानीय लोगों से बातचीत के बाद कांठ बवाल के लिए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को गुनहगार बताया।
भाजपा विधायकों ने मुरादाबाद एसएसपी को सपा का एजेंट बताते हुए तुरंत सस्पेंड करने की मांग की है। मुरादाबाद पुलिस प्रशासन ने विधायक दल को कांठ जाने से रोक दिया।
पूरे इलाके में हिंदू जागृति अभियान
अखिल भारतीय साधु परिषद की मीटिंग रविवार को हरिद्वार में हुई मीटिंग के बाद साधु परिषद के राष्ट्रीय संयोजक महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी महाराज जूना अखाड़ा ने फोन पर हुई बातचीत में कहा कि शिवरात्रि के दिन साधुओं का एक दल कांठ के गांव अकबरपुर चैदरी पहुंचकर जलाभिषेक करेगा। इससे पहले पूरे इलाके में हिंदू जागृति अभियान चलाया जाएगा।
गुरु पूर्णिमा के बाद साधुओं का एक दल हरिद्वार से मुरादाबाद मंडल और आसपास के जनपदों के लिए निकलेगा और गांव गांव जाकर इस महाभिषेक कार्यक्रम के लिए लोगों को प्रेरित करेगा। बजरंग दल के साथ ही दूसरे हिंदू संगठनों का भी सहयोग लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की गलत कार्रवाई से हालात बिगड़ रहे हैं। सपा सरकार के इशारे पर हिंदू समाज का उत्पीड़न किया जा रहा है। सरकार की इस दमनकारी नीतियों के खिलाफ साधु समाज सड़कों पर उतरेगा।
कांठ के आरोपी भाजपा नेताओं पर लगेगी रासुका: हसन
कानून-व्यवस्था के मामले सख्त रुख दिखाते हुए राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने कहा कि जरूरत पड़ने पर कांठ मामले में आरोपी भाजपा नेताओं पर रासुका भी लगाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का रुख साफ है कि कानून-व्यवस्था से कोई खिलवाड़ नहीं होना दिया जाएगा। इसके लिए जिम्मेदार लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा।
मुख्य सचिव आलोक रंजन का कहना है कि मुरादाबाद में हालात सामान्य हैं। जिन लोगों ने पथराव कर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
नेतृत्व विहीन भीड़ ने किया था पथराव
पहले सत्ताइस जून और फिर चार जुलाई। कांठ में इन दोनों तारीखों पर हुए बवाल में पुलिस प्रशासन पर पथराव करने वाली पब्लिक नेतृत्व विहीन थी। जिन नेताओं के नाम मुकदमे में शामिल किए गए, वह मौके पर थे ही नहीं। बल्कि महापंचायत रोकने के लिए उन्हें पहले गिरफ्तार किया जा चुका था। खुफिया विभाग ने उनकी गिरफ्तारी के बाद तुरंत रिपोर्ट शासन को भेज दी थी।
रेलवे ट्रैक पर पथराव और पुलिस व प्रशासनिक अफसरों को घायल करने वाली पब्लिक में से पुलिस किसी को पकड़ नहीं पाई। अलबत्ता बिजनौर, अमरोहा आदि जिलों से कांठ पहुंचे भाजपा नेताओं को बवाल का आरोपी दिखाकर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। करीब 62 लोगों के नाम मुकदमे में शामिल हैं। वहीं 300 अज्ञात लोग भी दिखाए गए हैं। चार जुलाई की देर रात पुलिस ने सोच समझकर मुकदमा लिखवाया। लेकिन यह भूल गई कि खुफिया विभाग उनकी गिरफ्तारी महापंचायत रोकने के दौरान चार जुलाई की सुबह ही दिखा चुका था। यह रिपोर्ट शासन को भी भेजी जा चुकी। एलआईयू को तो किसी तरह पुलिस अफसरों ने रोक लिया, लेकिन इंटेलिजेंस की विशेष शाखा की इस रिपोर्ट को नहीं रोक पाए। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि पहली बार हुआ बवाल भी नेतृत्व विहीन था।
बवाल के दौरान पीठ दिखाने वाले नपेंगे
बवाल के दौरान पीठ दिखाने वाले पुलिसकर्मियो पर कार्रवाई होगी। एसएसपी के निर्देश पर उनकी सूची तैयार की जा रही है। बता दें कि रेलवे ट्रैक पर हुए बवाल के दौरान डीएम की आंख की रोशनी भी चली गई। वह बुरी तरह घायल हो गए। उनके अलावा एसएसपी, डिप्टी एसपी समेत कई पुलिस व प्रशासनिक अफसर घायल हुए थे। उस दौरान एसएसपी और बाकी अफसर चीख-चीखकर मातहतों को बुला रहे थे। लेकिन कोई उनकी बात नहीं सुन रहा था। इसमें कई पीएसी के जवान भी शामिल थे। अब उन्हें चिन्हित किया जा रहा है।
खतरे में है मुरादाबाद का अमन : आजम
नगर विकास मंत्री मो. आजम खान ने कांठ बवाल के लिए बाहरी लोगों को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि मुरादाबाद का अमन खतरे में है, इसलिए लोग संभल जाएं। उन्होंने भाजपा युवा मोर्चा के विधानसभा के सामने प्रदर्शन को राजनीतिक आतंकी घटना बताया। कहा कि 273 सांसद का गुमान रखने वाली भाजपा यह न समझे कि कानून को हाथ में लेने का लाइसेंस मिल गया है।
आजम खान रविवार को जौहर यूनिवर्सिटी में वन महोत्सव कार्यक्रम में कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कांठ की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। बवाल करने वाले लोगों के चेहरे ढके थे। चेहरे अपराधी ढका करते हैं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई को क्लीन चिट दी। कहा कि मुरादाबाद का अमन खतरे में है। यहां 1980 जैसे दंगे कराने की साजिश की जा रही है। धर्म और जाति के आधार पर राजनीति करने वाले दल सावधान हो जाएं।
नगर विकास मंत्री मो. आजम खान ने कांठ बवाल में घायल मुरादाबाद के डीएम चंद्रकांत की हर मदद करने का ऐलान किया। कहा कि डीएम ने अपना फर्ज अदा कर कमजोरों की आवाज दबाने से रोका है। घटना में घायल डीएम की हर संभव मदद की जाएगी।
मंडल के 319 गांवों में बढ़ाई गई चौकसी
कांठ बवाल के बाद मंडल के 319 गांवों को चौकस कर दिया गया है। यह वह गांव हैं जहां दो समुदाय के लोग रहते हैं और पहले किसी बात पर कोई विवाद हो चुका है। यहां शांति कमेटियों का गठन किया जा रहा है। गांव चौकीदार से लेकर यहां रहने वाले सरकारी मुलाजिमों को भी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। मंडलायुक्त ने मंडल के पांचों जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हर छोटी से छोटी सूचना को गंभीरता से लिया जाए। कहीं किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खुफिया सूचनाओं के मुताबिक मुरादाबाद जिले में 85, अमरोहा में 64, रामपुर में 62, बिजनौर में 58 और संभल जनपद में साठ ऐसे गांव हैं जहां दो वर्गों में पहले भी किसी न किसी बात पर विवाद हो चुका है। कभी धार्मिक स्थल का निर्माण विवाद की जड़ बना तो कभी रास्ते का झगड़ा। प्रशासन ने अब इन गांवों की निगहबानी बढ़ा दी है। मंडलायुक्त शिवशंकर सिंह ने मुरादाबाद, अमरोहा, संभल, बिजनौर और रामपुर के जिलाधिकारी को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
संवेदनशील गांवों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को गश्त करने के निर्देश दिए हैं। हर छोटी से छोटी सूचनाओं को गंभीरता से लिया जाए। गांव चौकीदार को चौकस कर दिया जाए। शांति समीतियों का गठन करके उन पर जिम्मेदारी सौंपी जाए। मुरादाबाद की सीमा से सटे बिजनौर और अमरोहा गांवों पर खास निगाह रखने के निर्देश दिए गए हैं।
धर्मस्थलों की वीडियोग्राफी करा रहा प्रशासन
पुलिस और प्रशासन के पास किसी धर्मस्थल की कोई तस्वीर या वीडियो नहीं है। किस धर्मस्थल पर लाउडस्पीकर लगा है, मस्जिद के कितने हिस्से पर निर्माण हो चुका है... कब्रिस्तान और श्मशान घाट किस हालत में हैं? कोई नहीं जानता। कांठ में बवाल हुआ तो शासन को याद आई है। अब हर जिले में धर्मस्थलों की वीडियो और फोटोग्राफी कराई जा रही है। हर जिले के अफसरों को सभी धर्मस्थलों का रिकार्ड तैयार करने के लिए कहा गया है।