फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   saffron flag on houses in agra etmadpur.

घरों पर लगाई भगवा पताका, पुलिस रही खामोश

Thu, 25 Dec 2014 11:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा, बागपत Updated Thu, 25 Dec 2014 11:29 AM IST
विज्ञापन
saffron flag on houses in agra etmadpur.

कई हिंदू परिवारों के ईसाई सत्संग में जाने से चर्चा में आए आगरा जिला के एत्मादपुर के गांव गढ़ी संपत में बुधवार को अपने ऐलान के मुताबिक भाजपा, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने बहुत से घरों पर भगवा पताकाएं लगवाईं। आसपास दर्जनभर गांवों में ग्रामीणों को बांटे भी।

विज्ञापन


गढ़ी संपत में दोपहर बाद भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष महेश बघेल खुद गांव के ही सुनील के साथ रामवती के घर पहुंचे। वहां सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस की मौजूदगी के बावजूद घर पर पांच से ज्यादा झंडे लगाए गए। कार्यकर्ताओं को संभवत: पुलिस से हस्तेक्षप की आशंका थी। बाद में उनकी खामोशी देख गढ़ी संपत के 30 से ज्यादा घरों पर पताकाएं फहरा दी गईं।
विज्ञापन


महेश बघेल ने गांव के लोगों के साथ पंचायत भी की और हिंदू धर्म की रक्षा की बात कहकर ईसाई सत्संग में न जाने के लिए सचेत किया। मालूम हो कि मंगलवार को गांव रेहन कला में पंचायत में भाजपा, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के नेताओं ने ऐलान किया था कि तहसील के हर गांव में वह पंचायत करेंगे और घरों पर हिंदुत्व के प्रतीक भगवा झंडे लहराए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

धर्मांतरण पर कानून से भाग रहा विपक्ष- साक्षी

saffron flag on houses in agra etmadpur.

विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा केंद्र सरकार धर्मांतरण पर फांसी की सजा के प्रावधान वाला कानून लाने तक को तैयार है, लेकिन विपक्ष इससे भाग रहा है। धर्मांतरण भाजपा या संघ का एजेंडा नहीं है। संघ की स्थापना से भी पहले स्वामी दयानंद सरस्वती ने शुद्धिकरण और घर वापसी का कार्यक्रम चलाया था।

बागपत में विनायक कॉलेज ऑफ एजुकेशन में बुधवार सुबह पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा घर वापसी अभियान के चलते ही महात्मा गांधी के सामने स्वामी दयानंद सरस्वती के शिष्य स्वामी श्रद्धानंद की दिल्ली में हत्या की थी। बाद में नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या की।

उन्होंने कहा नाथूराम गोडसे को तो फांसी हो गई, लेकिन स्वामी श्रद्धानंद के हत्यारे को इनाम मिला, उसे मौत की सजा नहीं हुई। उन्होंने बंग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन के बयान का हवाला देते हुए कहा यदि धर्मांतरण न होता तो देश में इस्लाम धर्म भी न होता और ईसाई भी नहीं।

उन्होंने कहा असम, केरल, झारखंड, ओडीशा, बंगाल में कितना धर्म परिवर्तन हो रहा है, जो वास्तव में धर्म परिवर्तन है, उस पर मीडिया कुछ नहीं कह रहा। लेकिन यदि आगरा में कुछ हो गया, जिसमें बीजेपी नहीं थी, उस पर मीडिया ने बवाल खड़ा कर दिया। साक्षी महाराज ने मुजफ्फरनगर दंगों के लिए आजम खान को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके लिए आपत्तिजनक शब्द इस्तेमाल किया। सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के लिए भी अमर्यादित शब्द कहे। उन्होंने मीडिया पर भी अमर्यादित टिप्पणी की।

उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर तो बनकर रहेगा। इसके लिए मुस्लिमों को आगे आना चाहिए। हाशिम अंसारी पैरवी से मना कर चुके हैं, अब राष्ट्र की भावना देख मुस्लिम आगे आएं। उन्होंने कहा धारा-370 और मांस निर्यात पर पाबंदी जैसे विवादित मुद्दों पर 2017 के बाद विचार किया जाएगा, क्योंकि अभी राज्यसभा में भाजपा का बहुमत नहीं है।

उन्होंने कहा जिस समय बाबा रामदेव और अन्ना हजारे आंदोलन चला रहे थे, तभी काला धन निकाल किया। अब तो यह भी जांच करानी पड़ेगी कि काला धन कहां गया। साक्षी महाराज ने कहा इस बार के चुनाव में रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह की हार से लगता है जाटों ने उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह का वारिस नहीं माना।

अलीगढ़ में धर्मांतरण को जुटे दो लोग हिरासत में

saffron flag on houses in agra etmadpur.

अलीगढ़ के जलाली कस्बे में 25 दिसंबर को प्रस्तावित एक धार्मिक कार्यक्रम में धर्मांतरण की आशंका के चलते पुलिस ने कार्यक्रम को रोक दिया है। दो लोगों को हिरासत में लेकर देर रात तक पूछताछ के बाद कार्यक्रम न आयोजित करने की हिदायत देकर छोड़ दिया।

जलाली के गांव शाहजहांपुर ताजपुर में 25 दिसंबर को ईसाई समाज की एक धर्म सभा प्रस्तावित थी। इसके लिए बाहर से कुछ लोग आकर कुछ स्थानीय लोगों के साथ जनसंपर्क भी कर रहे थे। यह लोग वाल्मीकि बस्तियों में जाकर वहां ईसाई धर्म के विषय में प्रचार कर रहे थे। स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) के उप निरीक्षक नीलू जीत सिंह ने बताया कि जब इस बात की जानकारी मिली कि वाल्मीकियों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रलोभन दिया जा रहा है तो आयोजन करने वालों की पड़ताल की गई। इस क्रम में गांव के ही रमेश समेत दो लोगों को हिरासत में लिया गया।

थाना प्रभारी हरदुआगंज पहलवान सिंह ने बताया कि किसी धार्मिक कार्यक्रम को करने के लिए इन लोगों के पास कोई अनुमति नहीं थी। इसीलिए इनका कार्यक्रम रद्द करवाया गया है। देर रात तक पूछताछ के बाद हिदायत देकर इन्हें छोड़ दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed