समय सीमा में होगी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा समीक्षा
पठानकोट आतंकी हमले से सबक लेते हुए सेना के तीनों अंगों, अर्धसैनिक बलों, खुफिया एजेंसियों और पुलिस के सभी ठिकानों की सुरक्षा समीक्षा (सिक्योरिटी ऑडिट) किए जाने का उच्च स्तर पर फैसला लिया गया है। यह काम तय समय सीमा में पूरा किया जाएगा।
शुक्रवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री मनोहर परिकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने बैठक कर सीमा पार की भारत विरोधी हरकतों पर लंबी चर्चा की।
इस दौरान पठानकोट हमले में खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा समय पर लिए गए फैसले की तारीफ के साथ अभेद माने जाने वाले सैन्य ठिकानों की कमजोर कड़ियों पर गंभीर मंत्रणा की गई।
मीडिया को मिलेगी खास ट्रेनिंग
बैठक में खुफिया एजेंसियों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने और ऐसे हमले रोकने के
ठोस उपायों का शुरुआती खाका तैयार किया गया है। इसके अलावा आतंकी हमले और
उसकी जांच के दौरान मीडिया को जानकारी देने के लिए एक ठोस तंत्र विकसित किए
जाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
गृह मंत्रालय के मुताबिक ऐसे संवेदनशील
समय में मीडिया में कयास पर आधारित रिपोर्ट के चलते आतंकवाद पर अन्य देशों
के साथ सूचना के लेन देने पर विपरीत असर पड़ता है। बैठक में फैसला लिया
गया कि मीडिया को आतंकवाद के मामले में उचित तरीके से ब्रीफ किया जाना पूरी
सामरिक नीति का हिस्सा होना चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में सीमा
पार से हाल में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों की घुसपैठ के मद्देनजर गणतंत्र
दिवस की तैयारियों का भी जायजा लिया गया। सीमावर्ती इलाकों में सामरिक
लिहाज से कमजोर जगहों को मजबूत करने के लिए आगे की नीति तैयार की जा रही
है।