याकूब की फांसी पर अंतिम मुहर लगाने वाले जजों की सुरक्षा बढ़ी
याकूब मेनन की फांसी पर रोक लगाने वाली याचिका खारिज करने वाले सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सरकार ने यह कदम खुफिया एजेंसी आईबी की चेतावनी पर उठाया है।
जस्टिस दीपक मिश्रा, पी सी पंत और अमिताभ राय की तीन जजों वाली बेंच ने एक मत से आखिरी बार बृहस्पतिवार तड़के करीब तीन बजे सुप्रीम कोर्ट में अदालत बिठा कर मेनन की याचिका को खारिज कर दिया।
इस फैसले ने याकूब की फांसी का रास्ता साफ कर दिया जिसके आधार पर करीब तीन घंटे बाद उसे नागपुर जेल में फांसी दे दी गई।
जजों पर हमले की आशंका
इस फांसी के बाद संभावित खतरों का आंकलन कर रही खुफिया एजेंसी ने सरकार को चेताया कि इन तीनों जजों पर हमले हो सकते हैं।
सरकार
ने बिना समय गंवाए इनकी सुरक्षा बढा दी है। इस फैसले से पहले मंगलवार को
जस्टिस कुरियन जोसेफ और ए आर दवे वाली बेंच ने खंडित फैसला दे कर याकूब की
उम्मीदें बढा दी थी।
साथ ही देश के कई नामी गिरामी नागरिकों ने याकूब की
फांसी के खिलाफ राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से लिखित गुजारिश की थी।