फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   sachhidanand suspended from the post of mahamandleshwar

सच्चिदानंद हुए बर्खास्त, छिनी महामंडलेश्वर की पदवी

Thu, 06 Aug 2015 08:49 PM IST
Updated Thu, 06 Aug 2015 08:49 PM IST
विज्ञापन
sachhidanand suspended from the post of mahamandleshwar

डिस्कोथेक बीयर बार और रियल स्टेट जैसे कारोबार से जुड़े नोएडा के सचिन दत्ता, अब सच्चिदानंद गिरि को महामंडलेश्वर पद से बर्खास्त कर दिया गया है।

विज्ञापन


पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के मोरी, दारागंज, इलाहाबाद स्थित मुख्यालय के पैड पर जारी पत्र के मुताबिक त्रयंबकेश्वर, नासिक में हुई पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के बाद विवादित होने के कारण सच्चिदानंद गिरि को निष्कासित कर दिया गया है।
विज्ञापन


महंत रवींद्र पुरी और महंत दिनेश गिरि के मुताबिक इस आशय की सूचना अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को दे दी गई है।

वहीं नासिक से फोन पर बातचीत में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि जांच कमेटी की रिपोर्ट पर सच्चिदानंद गिरि पर लगे कई आरोप सही पाए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


संन्यासी होने के बाद भी उनका रियल स्टेट जैसे कारोबार से जुड़े रहना और घर-परिवार से नाता रखना, आना-जाना संन्यास की परंपरा को खंडित करता है।

पद की मर्यादा के लिए नहीं हैं ठीक

sachhidanand suspended from the post of mahamandleshwar

कुल मिलाकर उनका कार्यव्यवहार महामंडलेश्वर पद की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। ऐसे में उनका महामंडलेश्वर जैसे पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। अब उनकी इच्छा है कि जिस रूप में चाहें, रहें।

इससे पहले निरंजनी के सचिव और अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने नासिक पहुंचकर अखाड़े के वरिष्ठ सदस्यों, पदाधिकारियों और श्रीमहंतों के साथ सच्चिदानंद मुद्दे पर विचार-विमर्श किया।

कार्यकारिणी की बैठक में ही सच्चिदानंद मुद्दे के लिए बनाई गई जांच समिति के सदस्यों ने रिपोर्ट पेश की जिस पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से उन्हें महामंडलेश्वर पद से बर्खास्त किए जाने का निर्णय लिया गया।

अब वह अखाड़े की पेशवाई, शाही स्नान सहित किसी भी तरह के धार्मिक अनुष्ठान में किसी पद या पदवी के साथ शामिल नहीं हो सकेंगे। इसी के साथ सच्चिदानंद को लेकर गुरुपूर्णिमा से शुरू विवाद पर फिलहाल विराम लग गया है।

गुरु पूर्णिमा को बनाया गया था महामंडलेश्वर

sachhidanand suspended from the post of mahamandleshwar

गुरुपूर्णिमा पर्व के तहत मठ बाघंबरी गद्दी में नोएडा के कारोबारी सचिन दत्त्ता को निरजंनी अखाड़े के महामंडलेश्वर सच्चिदानंद गिरि की पदवी दी गई थी। इससे पहले महंत स्वामी नरेंद्र गिरि की ओर से उन्हें शिष्य बनाकर सन्यास दीक्षा दी गई थी।

मठ में हुए समारोह में सचिन के गुरु और अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव, पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश सिंह सहित गणमान्य नागरिक, साधु-संत मौजूद थे।

महामंडलेश्वर बनाए जाने के बाद सच्चिदानंद गिरि की ओर से पहले त्रिवेणी बांध स्थित बड़े हनुमान मंदिर और फिर बाघंबरी गद्दी मठ में भी फूल बरसाए गए थे जो चर्चा का विषय बना।

आरोपों के बाद गठित की गई थी जांच कमेटी

sachhidanand suspended from the post of mahamandleshwar

नोएडा के कारोबारी सचिन दत्त्ता उर्फ सच्चिदानंद गिरि के पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के महामंडलेश्वर बनने और उनसे जुड़ी कई तरह की जानकारियां सामने आने पर बवाल मच गया था।

डिस्कोथेक और रियल स्टेट कारोबार से उनके जुड़ाव केआरोपों के बाद अखाड़े की ओर से श्रीमहंतों की जांच कमेठी बनाई गई थी जिसे सच्चिदानंद गिरि के पारिवारिक और कारोबारी रिश्तों की जांच करके रिपोर्ट सौंपनी थी।

निरंजनी के सचिव और अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा था,जांच समिति की ओर से उनके परिवार या कारोबार से जुड़ाव जैसी मुद्दों की जांच की जाएगी, मामला सामने आया तो उन्हें अखाड़े से अलग कर दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को रिपोर्ट आने के बाद यह कार्रवाई कर दी गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed