नीतीश की नई मुसीबत, मोदी की तारीफ पर साबिर बाहर
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जहां एक तरफ तमाम राजनीतिक दल दूसरे दलों में सेंध लगाकर बड़े नेताओं को अपने पाले में ला रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जनता दल युनाइटेड (जेडीयू) ने अपने तेजतर्रार नेता साबिर अली को पार्टी से निकाल दिया है।
माना जा रहा है कि भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की तारीफ करने पर जेडीयू ने सख्त कदम उठाते हुए साबिर अली को बाहर का रास्ता दिखाया है।
गौरतलब है कि साबिर अली ने नरेंद्र मोदी के विकास मॉडल की तारीफ की थी। जेडीयू से निकाले जाने पर साबिर अली ने पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है।
पार्टी नेतृत्व पर साबिर का तीखा हमला
पार्टी से निकाले जाने पर साबिर अली ने राज्यसभा सांसद केसी त्यागी को घेरा है। त्यागी ने ही साबिर अली को पार्टी से निकाले जाने की घोषणा की थी।
साबिर अली ने बिना केसी त्यागी का नाम लिए कहा, 'मौना बाबा एक निगम का चुनाव नहीं जीत सकते। वे दिल्ली में बैठकर दलाली करते हैं। पार्टी ऐसे ही लोगों के चक्कर में फंस गई है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता जॉर्ज फर्नांडिस की तारीफ करते हुए अली ने कहा कि उन्होंने जेडीयू को काफी अच्छी स्थिति में पहुंचाया, लेकिन अब पार्टी में दलालों का बोलबाला हो गया है।
उन्होंने कहा कि अगर मैं कुर्मी का बेटा होता तो मेरा टिकट नहीं कटता। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं।
'साबिर अली पार्टी के मूल कार्यकर्ता नहीं'
साबिर अली को जेडीयू से निकाले जाने पर पार्टी सांसद केसी त्यागी ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक सद्भाव जैसे मुद्दों पर पार्टी समझौता नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा कि साबिर अली ने जिस तरह मोदी की तारीफ की, उसे पार्टी बर्दाश्त नहीं कर सकती, इसलिए पार्टी से साबिर अली की सदस्यता समाप्त कर दी गई है।
त्यागी ने कहा कि साबिर अली पार्टी के मूल कार्यकर्ता नहीं हैं, वे लोकजनशक्ति पार्टी छोड़कर जेडीयू में आए थे, इसलिए वे पार्टी की विचारधारा से तालमेल नहीं बिठा पाए। पार्टी में ऐसे लोगों के लिए कोई जगह नहीं है।