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दबंग डॉलर से फिर पिटा दुलारा रुपया, 64.13 तक लुढ़का
नई दिल्ली/ब्यूरो/एजेंसी
Updated Tue, 20 Aug 2013 10:16 PM IST
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सरकार और रिजर्व बैंक की कोशिशों से बेअसर रुपया मंगलवार को 64.13 रुपये प्रति डॉलर की रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंच गया।
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वहीं ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले यह 100 रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर 100.52 रुपये प्रति पाउंड के स्तर तक पहुंच गया।
इसके बाद सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए कुछ सकारात्मक संकेतों और रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप के बाद यह पिछले सत्र के मुकाबले 12 पैसे कमजोर होकर 63.25 रुपये प्रति डॉलर के नए न्यूनतम स्तर बंद हुआ।
मुद्रा बाजार के विशेषज्ञ और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों का मानना है कि रुपया 65 रुपये प्रति डॉलर के स्तर को छू सकता है। रुपये के साथ ही मंगलवार को बाजार भी शुरुआती गिरावट से उबरा और बांड यील्ड में भी सुधार हुआ।
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वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने सुबह ही कैबिनेट सचिव, आर्थिक मामलों के सचिव और दूसरे आला अधिकारियों के साथ बैठक की।
सूत्रों के मुताबिक इस बैठक कई ऐसे मामलों पर विचार किया गया जो अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए उठाए जाने हैं।
इसमें विनिवेश से जुड़े कुछ मामलों में कानूनी दिक्कतों को दूर करने का रास्ता साफ होने की बात भी शामिल है। ताकि सरकार के राजस्व में विनिवेश के जरिये आने वाले पैसे को जुटाया जा सके।
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वहीं रेटिंग एजेंसियों अभी देश की सॉवरेन रेटिंग में कोई बदलाव तो नहीं किया लेकिन हालात को बहुत अनुकूल नहीं बताया है।
अंतर बैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपये में तेज गिरावट के साथ 63.75 पर कारोबार शुरू हुआ। पिछले सत्र रुपया 63.13 पर बंद हुआ था।
आयातकों द्वारा डॉलर की भारी मांग और घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट से रुपया 64 के स्तर को पार कर 64.13 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिर गया।
हालांकि, बाद में रिजर्व बैंक और निर्यातकों द्वारा डॉलर की बिकवाली से रुपये में तेज रिकवरी हुई और यह सत्र के दौरान मजबूत होकर 63.15 के उच्च स्तर तक पहुंच गया। आखिर में पिछले सत्र की तुलना में 12 पैसे कमजोर होकर 63.25 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
फॉरेक्स डीलरों का कहना है कि रिजर्व बैंक ने सरकारी बैंकों के जरिए डॉलर की बिकवाली की जिससे वह 64 के पार लुढ़कने के बावजूद तेज रिकवरी की। विदेशी बाजारों में डॉलर में मजबूती का रुख बना हुआ है। इसका असर भी घरेलू मुद्रा पर पड़ रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि रुपये का हाजिर भाव और गिरेगा। आने वाले दिनों में डिफेंस और तेल आयातकों द्वारा डॉलर की मांग आने से डॉलर के मुकाबले रुपया 64.50 के स्तर के करीब कारोबार कर सकता है।