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पश्चिम बंगाल विधानसभा में भिड़े विधायक
कोलकाता/एजेंसी
Updated Tue, 11 Dec 2012 11:36 PM IST
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पश्चिम बंगाल विधानसभा में बृहस्पतिवार को उस समय अराजकता की स्थिति फैल गई जब तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी विधायक आपस में भिड़ गए।
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संघर्ष में माकपा के एक और तृणमूल के दो विधायक घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने तीन वामपंथी विधायकों को निलंबित कर दिया है। माकपा विधायक गौरांग चटर्जी के सिर में चोट आई है, जबकि तृणमूल की एमएलए महमूदा बेगम के सीने और पुलक राय के पैर में चोट लगी है।
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वामपंथी विधायक राज्य में चिटफंड कंपनियों की बढ़ती संख्या पर स्थगन प्रस्ताव की मांग करते हुए विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी के आसन तक चले गए और नारेबाजी करने लगे, जिससे माहौल गरमा गया। हंगामा तेज होते देख वरिष्ठ मंत्रियों पार्थ चटर्जी, सुब्रत मुखर्जी और फिरहाद हकीम विधानसभा अध्यक्ष के बचाव में आगे आ गए।
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इसके बाद तृणमूल कांग्रेस और लेफ्ट के कुछ विधायक सदन के बीचोंबीच आकर एक-दूसरे से भिड़ गए। चटर्जी और हकीम ने उन्हें अलग करने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए। इसी बीच, माकपा विधायक नजमुल हक ने विधानसभा अध्यक्ष का माइक्रोफोन छीन लिया। हंगामा बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर डेढ़ बजे तक स्थगित कर दी। वामपंथी सदस्यों ने विरोध में कांग्रेसी विधायकों को भी शामिल होने को कहा, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर एक बार फिर से हंगामा शुरू हो गया। इस बीच, संसदीय मामलों के मंत्री पार्थ चटर्जी ने विधानसभा अध्यक्ष का अपमान करने और उनका माइक्रोफोन छीनने वाले वामपंथी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने वामपंथी विधायकों नजमुल हक, सुशांत बेसरा और अमजद हुसैन को निलंबित कर दिया। हंगामे के दौरान माकपा विधायक देबलीना हेंब्रम और एक तृणमूल सदस्य गर्मागरम बहस करते देखे गए। बाद में सदन में हिंसा के विरोध में लेफ्ट और कांग्रेस के विधायक सदन से वाकआउट कर गए।