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गन्ना मूल्य पर यूपी विधानसभा में विपक्ष का हंगामा

Wed, 05 Dec 2012 10:38 PM IST
लखनऊ/ब्यूरो
लखनऊ/ब्यूरो Updated Wed, 05 Dec 2012 10:38 PM IST
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ruckus in up assembly over sugarcane pricing delay

विधानसभा के शीतकालीन सत्र का अंतिम दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। बुधवार को सवेरे प्रश्न काल शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने गन्ना मूल्य घोषित न किए जाने का मुद्दा उठाया तो पूरा विपक्ष वेल में आकर हंगामा व नारेबाजी करने लगा।

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महिला विधायकों समेत भाजपा के कई सदस्यों ने अध्यक्ष के आसन की ओर बढ़ने की कोशिश की लेकिन सुरक्षाकमियों ने उन्हें रोक दिया। सदस्यों-सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। अनुरोध के बावजूद सदस्य वेल से नहीं हटे तो अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने प्रश्न प्रहर स्थगित करके कार्यसूची की अन्य मदों को निपटाना शुरू कर दिया। हंगामे के बीच महज आधे घंटे में पूरा एजेंडा निपटाने के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
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विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अभी तक मूल्य घोषित न किए जाने से किसान ठगा जा रहा है। इसके  बाद बसपा, भाजपा, कांग्रेस व रालोद के सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। रालोद सदस्यों ने सदन में नारे लिखे बैनर लहराए। अध्यक्ष के अनुरोध के बावजूद वेल में मौजूद सदस्य टस से मस नहीं हुए। कई महिला विधायकों समेत भाजपा के सदस्य अध्यक्ष के  आसन की तरफ बढ़ने की कोशिश करने लगे लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया।
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विपक्ष के रुख को देखते हुए संसदीय कार्य मंत्री मो. आजम खां ने मोर्चा संभाला और कहा कि विपक्ष के अनुरोध पर सदन का समय बढ़ाया गया। लेकिन विपक्ष ने अव्यवस्था फैलाकर सदन नहीं चलने दिया। विपक्ष विकास के काम की चर्चा सदन में होने नहीं देना चाहता।

उन्होंने कहा कि जनता को फैसले का इंतजार है। जो भी एजेंडा है उसे आज ही पूरा कराया जाए। मौर्य ने कहा कि गन्ना मूल्य घोषित न होने से किसानों में आक्रोश है और विरोध स्वरूप विधानसभा के सामने किसानों ने गन्ना जलाया है।


आजम ने कहा कि बसपा और उसके नेता को गन्ना किसानों के बारे में एक भी शब्द बोलने का अधिकार नहीं है। जिसने माफिया को कौड़ियों के दाम चीनी मिलें बेचकर किसानों के हितों पर डाका डाला उसे किसानों का नाम लेने से पहले शर्म आनी चाहिए।

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