फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   ruckus in sadhvi prachi hindu mahasammelan.

साध्वी की सभा में 'मुस्लिम' परिवार की घर वापसी, बवाल

Mon, 09 Feb 2015 08:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
ब्यूरो/अमर उजाला, लखीमपुर खीरी Updated Mon, 09 Feb 2015 08:16 AM IST
विज्ञापन
ruckus in sadhvi prachi hindu mahasammelan.

विश्व हिंदू परिषद की ओर से आयोजित हिंदू महासम्मेलन के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब स्वेच्छा से मुस्लिम बन चुके एक परिवार ने फिर से हिंदू धर्म अपनाने की घोषणा की और इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

विज्ञापन


इसके विरोध में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन स्थल से कचहरी तक जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया और बवाल काटा। करीब आधा घंटे बाद मामला शांत हो गया।
विज्ञापन


मौजी नसीरुद्दीन भवन के मैदान में आयोजित सम्मेलन की मुख्य वक्ता साध्वी प्राची थीं। साध्वी अपना भाषण खत्म कर चुकी थीं और सम्मेलन करीब-करीब खत्म होने की ओर था। इसी दौरान धौरहरा कस्बे के शुक्ला वार्ड निवासी राजन पुरी, पत्नी रश्मि पुरी, पुत्र आयुष पुरी और पुत्री कीर्ति पुरी के साथ मंच पर पहुंचे। साध्वी प्राची ने मंच से चारों लोगों के पुन: हिंदू धर्म स्वीकार करने की घोषणा की। इनकी घर वापसी की घोषणा होते ही सम्मेलन स्थल पर मौजूद पुलिस हरकत में आ गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

विहिप और बजरंग दल के सदस्य भड़के

ruckus in sadhvi prachi hindu mahasammelan.

मौके पर मौजूद एक दरोगा ने मंच से ही राजन पुरी को हिरासत में ले लिया और पैदल ही कचहरी ले जाने लगे। यह देखकर विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भड़क गए। नाराज पदाधिकारी और कार्यकर्ता हंगामा करने लगे और पुलिस अधिकारियों से जमकर नोकझोंक हुई।

50 से अधिक कार्यकर्ता राजन को लेकर जा रही पुलिस के पीछे-पीछे नारे लगाते हुए चल दिए। पुलिस और प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ताओं के कचहरी पहुंचने की जानकारी मिलने पर एक एडीएम ने पुलिस को राजन को वापस ले जाने की हिदायत दी।

इस पर पुलिस राजन को सम्मेलन स्थल पर वापस ले आई। सम्मेलन स्थल पर साध्वी प्राची की मौजूदगी में एसडीएम राकेश पटेल ने राजन के बयान दर्ज किए। अपने बयान में राजन ने बताया कि उन्होंने मई, 2006 में डीएम को प्रार्थना-पत्र देकर स्वेच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया था। अब आज वह किसी जोर-जबरदस्ती के बगैर पत्नी और बच्चों के साथ हिंदू धर्म में पुन: वापसी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुस्लिम धर्म अपनाने के बावजूद उन्होंने अपने नाम नहीं बदले थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed