साध्वी की सभा में 'मुस्लिम' परिवार की घर वापसी, बवाल
विश्व हिंदू परिषद की ओर से आयोजित हिंदू महासम्मेलन के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब स्वेच्छा से मुस्लिम बन चुके एक परिवार ने फिर से हिंदू धर्म अपनाने की घोषणा की और इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
इसके विरोध में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन स्थल से कचहरी तक जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया और बवाल काटा। करीब आधा घंटे बाद मामला शांत हो गया।
मौजी नसीरुद्दीन भवन के मैदान में आयोजित सम्मेलन की मुख्य वक्ता साध्वी प्राची थीं। साध्वी अपना भाषण खत्म कर चुकी थीं और सम्मेलन करीब-करीब खत्म होने की ओर था। इसी दौरान धौरहरा कस्बे के शुक्ला वार्ड निवासी राजन पुरी, पत्नी रश्मि पुरी, पुत्र आयुष पुरी और पुत्री कीर्ति पुरी के साथ मंच पर पहुंचे। साध्वी प्राची ने मंच से चारों लोगों के पुन: हिंदू धर्म स्वीकार करने की घोषणा की। इनकी घर वापसी की घोषणा होते ही सम्मेलन स्थल पर मौजूद पुलिस हरकत में आ गई।
विहिप और बजरंग दल के सदस्य भड़के
मौके पर मौजूद एक दरोगा ने मंच से ही राजन पुरी को हिरासत में ले लिया और पैदल ही कचहरी ले जाने लगे। यह देखकर विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भड़क गए। नाराज पदाधिकारी और कार्यकर्ता हंगामा करने लगे और पुलिस अधिकारियों से जमकर नोकझोंक हुई।
50 से अधिक कार्यकर्ता राजन को लेकर जा रही पुलिस के पीछे-पीछे नारे लगाते हुए चल दिए। पुलिस और प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ताओं के कचहरी पहुंचने की जानकारी मिलने पर एक एडीएम ने पुलिस को राजन को वापस ले जाने की हिदायत दी।
इस पर पुलिस राजन को सम्मेलन स्थल पर वापस ले आई। सम्मेलन स्थल पर साध्वी प्राची की मौजूदगी में एसडीएम राकेश पटेल ने राजन के बयान दर्ज किए। अपने बयान में राजन ने बताया कि उन्होंने मई, 2006 में डीएम को प्रार्थना-पत्र देकर स्वेच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया था। अब आज वह किसी जोर-जबरदस्ती के बगैर पत्नी और बच्चों के साथ हिंदू धर्म में पुन: वापसी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुस्लिम धर्म अपनाने के बावजूद उन्होंने अपने नाम नहीं बदले थे।