फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   bsp will vote in favor of government in rajya sabha

राज्यसभा में सरकार के पक्ष में वोट करेगी बसपा

Thu, 06 Dec 2012 05:04 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 06 Dec 2012 05:04 PM IST
विज्ञापन
bsp will vote in favor of government in rajya sabha
मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई के मुद्दे पर राज्यसभा में हो रही बहस के बाद होने वाली वोटिंग में बसपा सरकार के पक्ष में वोट करेगी। मायावती ने आज राज्यसभा में इसका ऐलान किया।
विज्ञापन


लोकसभा में बसपा ने वाकआउट कर सरकार की नैया पार लगाई थी। राज्यसभा में बसपा के 15 सदस्य हैं। मायावती ने कहा कि एफडीआई में यह प्रावधान है कि इसे किसी राज्य पर थोपा नहीं जाएगा, इसलिए बसपा इस मुद्दे पर सरकार के पक्ष में मतदान करेगी।
विज्ञापन


इससे पहले एफडीआई के मुद्दे पर राज्यसभा में हो रही बहस मायावती के बयान के बाद हंगामेदार हो गई। सभापति हामिद अंसारी ने आज मायावती को बोलेने मौका दिया तब उन्होंने सुषमा स्वराज द्वारा बुध्ावार को दिए गए बयान पर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि कल लोकसभा की नेता विपक्ष ने घटिया बातें कहीं।  
विज्ञापन
विज्ञापन


गौरतलब है कि सुषमा स्वराज ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष का प्रस्ताव खारिज होने के बाद कहा था कि सरकार रिटेल में एफडीआई के प्रस्ताव में जीत गई हो, लेकिन यह मामला विपक्ष बनाम एफडीआई का नहीं था। वास्तव में यह मुद्दा सीबीआई बनाम एफडीआई था।

मायावती ने कहा कि सीबीआई के दबाव में होने का आरोप लगाना फैशन हो गया है। उन्होंने कहा कि लोमड़ी को वोट नहीं मिले तो उसने कहा कि अंगूर खट्टे हैं। मायावती के इस बयान के बाद ही सदन में हंगामा हो गया।

भाजपा सांसद विनय कटियार ने मायावती के बयान पर आपत्ति जताई और इसे असंसदीय करार दिया, लेकिन संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने इसका विरोध किया और कहा कि बसपा प्रमुख का बयान असंसदीय नहीं है।

मायावती ने आगे कहा कि उन्होंने सीबीआई के दबाव में वाकआउट नहीं किया। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि इसने खुद केंद्र में रहते हुए सीबीआई का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने उन पर गठबंधन के लिए सीबीआई का दबाव डाला था। तब उन्होंने समझौता नहीं किया और इस्तीफा देना बेहतर समझा।


मायावती के बयान बाद हंगामा थमता न देख राज्यसभा को 10 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। मायावती ने दोबारा सदन शुरु होने पर कहा कि उन्होंने कभी भी भाजपा नेताओं से भाई-बहन का रिश्ता नहीं बनाया। 1995 में भाजपा नेताओं ने उनके घर पर आकर खुद राखी बंधवाई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed