विधानसभा ने पहले नहीं देखा ऐसा हाईवोल्टेज ड्रामा
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दिल्ली विधानसभा में जनलोकपाल नहीं पेश होने के कारण मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सदन में बेहद निराश और हताश दिखे। ये निराशा उनकी बातों में दिखी जब वे चर्चा का उत्तर दे रहे थे।
केजरीवाल ने कहा, 'हममें से कई लोग पहली बार चुनाव जीतकर यहां आए हैं। हमें सरकार चलाने का अनभुव नहीं है। आपमें से कई लोग बहुत अनुभवी और कई सालों से विधायक हैं। मुझे लगा था कि मैं आपलोगों से कई बातें सिखूंगा।'
लेकिन पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम से मेरा मन तीखा हो गया। सदन में जैसे माइक तोड़े गए, पेपर फाड़े गए और हंगामा हुआ, उससे मुझे बहुत दुख हुआ है।
मसलन शौकीन साहब जो पहली बार विधायक बने, उनका व्यवहार बहुत अलग था।
'विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर'
मुख्यमंत्री ने कहा, 'सदन मंदिर होता है। हमें मंदिर का अपमान नहीं करना चाहिए। हमें मंदिर का आदर करना चाहिए। हमलोग मंदिर जाते हैं, गुरुद्वारे में भी जाते हैं। लेकिन मुझे नहीं लगता कि मंदिर में जाकर ऐसा हंगामा करते हैं।'
केजरीवाल ने दुखी मन से बताया, 'सदन में जो कागज होता है वह किसी कुरान या गीता से कम पवित्र नहीं है। हमलोग कभी भी मंदिर या मस्जिद में जाकर गीता और कुरान तो नहीं फाड़ते हैं।'
उलटे ये माननीय अपनी सफाई में कहते हैं कि ऐसा करने के लिए उन्हें पार्टी की ओर से आदेश मिला है। पता नहीं ऐसा आदेश वे क्यों मान रहे हैं।
'देश के लिए जान देनी पड़ी तो दूंगा'
केजरीवाल ने कहा, 'मैंने पूरा संविधान पढ़ा है। मुझे कहीं नहीं मिला कि किसी विधायक की बात नहीं मानी जाए तो वे कागज या माइक तोड़ दें। सदन में इस तरह के व्यवहार में सुधार लाने की जरूरत है।'
सीएम ने साफ किया, 'जनलोकपाल बिल पेश करने को लेकर कई बातें कही गई। मैंने पूरा संविधान पढ़ा। इस संविधान में कहीं नहीं लिखा है कि विधेयक को विधानसभा में पेश करने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी की जरूरत है।
गृह मंत्रालय ने कहा कि हमें केंद्र से अनुमति की जरूरत है। मैंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी ना कि केंद्र के आदेशों को मानने की शपथ ली। मैं इस संविधान के लिए जान देने को भी तैयार हूं।'
'केजरीवाल की कथनी और करनी में भेद'
इधर पूरे सियासी घटनाक्रम में बीजेपी ने अपने बचाव में पूरी कमर कस ली है।
भाजपा नेता हर्षवर्धन ने कहा, 'भाजपा और इसके विधायक आम आदमी पार्टी से जनलोकपाल बिल का सौ गुना पक्षधर है। सच तो यह है कि केजरीवाल की कथनी और करनी में भेद है।'
उन्होंने कहा कि यदि बीजेपी जनलोकपाल की विरोधी होती तो उत्तराखंड में खंडूरीजी देश का पहला जनलोकपाल नहीं लाते। लोकसभा में भी लोकपाल कानून को बीजेपी ने पूरा समर्थन किया था।
यदि केजरीवाल कानून की सारी मर्यादा मानकर जनलोकपाल बिल विधानसभा के पटल पर लाते हैं तो बीजेपी पुरजोर तरीके से समर्थन करेगी।
सदन में सियासी ड्रामा, भारी हंगामा
जनलोकपाल बिल को लेकर दिल्ली विधानसभा में खूब सियासी ड्रामा चला। सदन में भारी हंगामा हुआ और स्पीकर की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए।
हालांकि विपक्ष के भारी हंगामे के बीच सदन में जनलोकपाल बिल पेश करने के लिए वोटिंग कराई गई।
बिल पेश होने के दौरान 27 लोगों ने खड़े होकर इसका समर्थन किया तो वहीं 42 विधायक इस बिल को पेश करने के खिलाफ खड़े हुए।
ऐसे में 42 विधायकों के विरोध के कारण जनलोकपाल बिल सदन में नहीं पेश हो पाया। कांग्रेस और भाजपा ने बिल पेश करने के विरोध में मतदान दिया।
आप ने बुलाई आपातकालीन बैठक
सदन में प्रस्ताव गिरने के बाद आम आदमी पार्टी ने आपात कालीन बैठक बुलाई है। इस बैठक में आम आदमी पार्टी के बड़े नेता मौजूद हैं।
बैठक में पार्टी के आगे के कदम को लेकर विचार हो रहा है। बैठक से पहले पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान बड़े नेता योगेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं ने हाथ मिला लिया है।
ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अपने वादे के मुताबिक बिल पास न कराए जाने पर केजरीवाल इस्तीफा दे सकते हैं।
बड़ा ऐलान कर सकते हैं केजरीवाल
सदन की कार्यवाही खत्म होने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बड़ा ऐलान कर सकते हैं। दरअसल सदन में सरकार जनलोकपाल बिल को पेश ही नहीं कर पाई है। मुख्यमंत्री ने पहले ही कहा था कि अगर वह बिल पेश नहीं कर पाई तो वह अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
इसलिए ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री केजरीवाल अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। 42 विधायकों के विरोध के कारण ये जनलोकपाल बिल पेश ही नहीं हो पाया। हालांकि सरकार को एक बार फिर बिल सदन में टेबल करने का अधिकार है।
सब्सिडी के समर्थन में कांग्रेस-आप एकसाथ
बिजली सब्सिडी बजट को लेकर दिल्ली सरकार ने सदन से इजाजत मांगी है। इस दौरान कांग्रेस और आप ने एक साथ खड़े होकर इसके सब्सिडी दिए जाने के समर्थन में मतदान किया।
अमेंडमेंट पर चर्चा के दौरान भाजपा के विधायक ने केजरीवाल सरकार को बिजली कंपनियों के हाथों बिक जाने का आरोप लगाया।
विपक्ष ने केजरीवाल को तानाशाह बताते हुए उन पर संविधान का अपमान करने का आरोप लगाया। भाजपा ने सदन में केजरीवाल के इस्तीफे की मांग की।
सिसौदिया बोले, 'हम LG के आदेशों का सम्मान करते हैं'
शिक्षा मंत्री मनीष सिसौदिया ने विधानसभा में भाजपा और कांग्रेस के विधायकों पर अमर्यादित व्यवहार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस व्यवहार को देखते हुए किसी बात की उम्मीद की जा सकती।
वहीं सिसौदिया ने उपराज्यपाल नजीब जंग के आदेशों का सम्मान करने की बात कही।
विपक्ष के द्वारा की जा रही वोटिंग की मांग पर सिसौदिया ने कहा कि बिल के इंट्रोडक्शन पर चर्चा और वोटिंग दोनों हो सकती है। कानून मंत्री सोमनाथ भारती ने विपक्ष पर भ्रष्टाचार के विरोध में घड़ियाली आंसू बहाने और चर्चा से भागने का आरोप लगाया।
हंगामे के बीच सदन में बिल पेश
हंगामे के बीच विधानसभा में लोकपाल बिल पेश। सदन में जोरदार हंगामे के बाद लोकपाल बिल पेश कर दिया गया है। बिल पेश करते ही सरकार ने ताली बजा कर इसका स्वागत किया।
उधर विपक्ष हंगामा करते हुए वोटिंग कराने की मांग पर अड़ी हुई है। केजरीवाल विपक्ष से लोकपाल पर चर्चा कराने की मांग कर रहे हैं। विपक्ष ने सदन के स्पीकर पर आम आदमी पार्टी के नेता की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया।
अब एलजी की चिट्ठी पर बवाल
उपराज्यपाल की चिट्ठी पढ़े जाने के बाद सदन में चर्चा को लेकर जमकर हंगामा मच गया। दिल्ली सरकार जहां इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रही है। वहीं सदन में विपक्ष वोटिंग कराने की मांग कर रहा है।
चर्चा की मांग को लेकर जबरदस्त हंगामा मचा हुआ है। सरकार में शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने विपक्ष से पूछ रहे हैं कि चर्चा क्यों नहीं हो सकती और इससे भागने की कोशिश क्यों हो रही है।
विपक्ष स्पीकर को संविधान की दुहाई देते हुए नियमसम्मत काम करने की मांग की है। जैसे ही मुख्यमंत्री केजरीवाल अपनी बात कहने के लिए उठे, विपक्ष ने हंगामा कर उन्हें बोलने नहीं दिया।
'दिल्ली सरकार दलित विरोधी'
कांग्रेस के विधायक जयकिशन ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाते हुए उसे दलित विरोधी बताया। जयकिशन ने सदन में हंगामा करते हुए कहा कि संत रविदास जयंती के दिन सत्र बुलाया जाना दलितों का अपमान है।
जयकिशन के विरोध के बाद सदन में फिर से जोरदार हंगामा शुरू हो गया। जयकिशन के अलावा विपक्ष के नेता डॉ हर्षवर्धन और अरविंद सिंह लवली ने भी इसका विरोध किया था।
लोकपाल पर साथ, पर कानून सबसे ऊपरः शोएब
जेडीयू के विधायक शोएब इकबाल ने भी शुक्रवार के दिन सत्र बुलाए जाने पर सवाल उठाए। शोएब इकबाल ने कहा कि रात दिन जनलोकपाल की चर्चा के कारण दिल्ली में काम रुका पड़ा है।
इस चर्चा के कारण दिल्ली की जनता तक सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही हैं। बिजली, पानी की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। शोएब इकबाल ने अध्यक्ष से सदन को शांति के साथ चलाने का अनुरोध किया तो वहीं शोएब इकबाल ने जनलोकपाल बिल को आज लाना असंवैधानिक भी बताया।
शोएब इकबाल ने कहा कि अगर दिल्ली सरकार कानून सम्मत जनलोकपाल बिल लेकर आती है तो वह उसका समर्थन करेंगे। लेकिन वह ऐसा तभी करेंगे, जब इसे कानून के तहत लाया जाएगा।
एलजी की चिट्ठी सामने रखें अध्यक्षः भाजपा
भाजपा ने ता डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि केजरीवाल जनलोकपाल बिल को लेकर जितने गंभीर हैं, कांग्रेस और भाजपा की प्रतिबद्धता
उनसे कहीं ज्यादा है। हर्षवर्धन ने कहा कि भाजपा के कारण ही दिल्ली में लोकायुक्त बिल बना है।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल दूसरी पार्टियों के बारे में झूठा दुष्प्रचार न करें। केजरीवाल की मंशा पर सवाल उठाते हुए कि उन्होंने रात 12 बजे लोकपाल बिल का एजेंडा मिला है। जिसे रात भर में समझ पाना बेहद मुश्किल है।
भ्रष्टाचार पर दिल्ली सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो कल तक जनलोकपाल बिल प्रमुख एजेंडा हुआ करता था, आज सबसे नीचे है। डॉ. हर्षवर्धन ने विधानसभा अध्यक्ष से एलजी की चिट्ठी को सदन के सामने रखने की मांग उठाई।
भाजपा ने कहा कि सोमनाथ भारती पर लगे पॉर्न क्लिप को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। मुख्यमंत्री केजरीवाल पर तंज कसते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि जिस दिन वह आरोप नहीं लगाते हैं और झूठ नहीं बोलते, उनका खाना नहीं पचता।
'केजरीवाल झूठ न बोले, तो खाना नहीं पचता'
दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष डॉ. हर्षवर्धन ने भी अरविंद सिंह लवली की बात का समर्थन करते हुए कहा कि संत रविदास जयंती पर सत्र बुलाकर गलती हुई। उन्होंने कहा कि ये संत रविदास का अपमान है।
केजरीवाल पर हमला करते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि मुख्यमंत्री को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से वो छोटे नहीं हो जाएंगे। दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती पर हमला बोलते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि उनका व्यवहार अमर्यादित है। उन्होंने कहा कि मंत्री को मालूम होना चाहिए कैसे व्यवहार किया जाना चाहिए।
भाजपा ने कहा कि सोमनाथ भारती पर लगे पॉर्न क्लिप को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। केजरीवाल पर तंज कसते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि जिस दिन वह आरोप नहीं लगाते हैं और झूठ नहीं बोलते, उनका खाना नहीं पचता।
सरकार ने सदन का अपमान कियाः लवली
कांग्रेस के नेता अरविंदर सिंह लवली ने जनलोकपाल बिल को पेश किए जाने पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इस पूरे मसले पर दिल्ली सचिवालय से गलती हुई है। लवली ने कहा कि हम भ्रष्टाचार के खिलाफ है लेकिन इसके लिए उचित प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
कांग्रेसी नेता लवली ने कहा कि हमारे कई विधायकों को अब तक बिल की कॉपी तक नहीं मिली है। लवली ने कहा कि सरकार ने संविधान का पालन नहीं करके सदन का अपमान किया है। लवली ने कहा जनलोकपाल बिल पेश किए जाने पर सरकार उप राज्यपाल की मंजूरी लेनी चाहिए था।
सदन में कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा
जन लोकपाल बिल पेश किए जाने के मसले पर दिल्ली विधानसभा में हंगामा शुरु हो गया है। इस मसले पर केजरीवाल सरकार और उप राज्यपाल नजीब जंग के बीच तलवारें पहले ही खिंच चुकी हैं।
सदन की कार्रवाई शुरू होते ही बीजेपी के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया और सोमनाथ भारती को अश्लील मंत्री करार दिया। बीजेपी ने रविदास जयंती के मौके पर सत्र बुलाने का भी विरोध किया।
उप राज्यपाल ने नहीं दी मंजूरी
दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग ने विधानसभा स्पीकर एम एस धीर को कहा है कि मेरी मंजूरी के बिना जन लोकपाल बिल को विधानसभा में नहीं पेश किया जा सकता है।
उप राज्यपाल ने एम एस धीर को एक पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है। जंग ने कहा कि दिल्ली विधानसभा में किसी भी बिल को रखने से पहले उनकी मंजूरी होना जरूरी है।
इससे पहले आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता ने उप राज्यपाल नजीब जंग को कांग्रेस का एजेंट करार दिया है। इस बीच आम आदमी पार्टी की ओर कहा गया है कि वह विधानसभा में जनलोकपाल बिल जरूर लाएगी।